नरसिंहपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कॉलेज में बायोटेक, माइक्रोबायोलॉजी , भूगोल, संस्कृत, बीकॉम कम्प्यूटर एप्लीकेशन जैसे विषय की सीटें खाली हैं। पढ़ने के लिए छात्र नहीं मिल रहे हैं। अधिकांश विद्यार्थी प्लेन कोर्स बीए, बीकॉम करके सरकारी नौकरी की ख्वाहिश रखते हैं। इतिहास, मनोविज्ञान, विषयों के प्रति भी छात्रों की रुचि नहीं है। कॉलेज में इन दिनों दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हो गई है। पहले चरण के बाद कॉलेज में रिक्त रह गई सीटों के लिए अपंजीकृत छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए पंजीयन करा सकेंगी। दस्तावेजों का सत्यापन भी कराया जा सकेगा।

12 जुलाई से महाविद्यालय में प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हो गई है। स्नातक स्तर पर 12 से 18 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीयन व महाविद्यालय पाठ्यक्रम तथा विषय समूह के विकल्प दिए जा सकेंगे। जबकि दस्तावेजों के सत्यापन नवीन पंजीयन व पहले पंजीकृत लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन से वंचित छात्र-छात्राओं को एक और मौका कि वह दस्तावेजों का सत्यापन करा सकेंगे। ऐसे आवेदक छात्र छात्राओं को दूसरे चरण की सीट आवंटन 25 जुलाई को किया जायेगा। ऑनलाइन शुल्क का भुगतान लिंक इनीशिएट कराना और पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शुल्क का भुगतान कराने की तारीख 25 से 31 जुलाई तक रहेगी। इसके बाद विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर ऑनलाइन रिपोर्टिंग भी 31 जुलाई तक रहेगी। महाविद्यालय में दूसरे चरण की स्नात्तकोत्तर कक्षाओं के लिए भी काउंसलिंग 16 जुलाई से शुरू होगी। जिसकी प्रक्रिया 6 अगस्त तक चलेगी।

40 सीटों के मुकाबले सिर्फ 2 प्रवेश

व्यावासायिक व करियर की दिशा में खास विषय माने जाने वाले बीएससी बॉयोटेक की पीजी कॉलेज नरसिंहपुर में 40 सीटें हैं लेकिन पहले दौर में सिर्फ 2 सीटें ही भर सकीं। अब दूसरे राउंड में भी कितनी सीटें भरी जाएंगी यह कहना मुश्किल है। इसी तरह बीएससी माइक्रो बायोलॉजी में 40 सीटों पर 4 आवेदन जरूर रहे लेकिन एक भी सीट नहीं भरी गई। बीएससी कम्प्यूटर में 100 सीटों के मुकाबले 21 प्रवेश ही हो पाये। बीकॉम कम्प्यूटर एप्लीकेशन में 50 सीटों के विरुद्घ सिर्फ 13 प्रवेश हुए जबकि इसके उलट बीकॉम प्रथम वर्ष में 850 सीटों के मुकाबले पहले राउंड में 611 सीटें आवंटित हुई और 432 प्रवेश हुए। बीकॉम प्लेन में 450 सीटों में से 256 का आवंटन का मिला, 159 सीटें भर गई। बीकॉम कम्प्यूटर एप्लीकेशन में 50 सीटें है जिसमें 30 सीट पहले दौर में जारी हुई लेकिन 13 सीट ही भर सकी। पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष , बीकॉम सीए , बीएससी बायोटेक , बीएससी माइक्रो, बीएससी बॉयोलाजी, बीएससी मैथ्स, बीएससी कम्प्यूटर में 1955 सीटों के मुकाबले पहले दौर में 1242 सीटें आवंटित हुई लेकिन प्रवेश सिर्फ 785 के हुए जबकि पीजी स्तर पर इंग्लिश में 28 , संस्कृत में 10, अर्थशास्त्र में 50, सॉइकोलॉजी में 64 प्रवेश हुए हैं।