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जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

कॉलेज के स्टूडेंट्स की रुचि रिसर्च की ओर बढ़े इसके लिए स्टूडेंट्स को मोटिवेट किया जा रहा है। जो भी छात्र-छात्रा शहर के बाहर अपना रिसर्च पेपर पढ़ने जाता है तो उसका खर्च कॉलेज उठाएगा। ठीक इसी तरह कॉलेज का जो भी स्टूडेंट गेट में बैठता है उसकी फीस भी कॉलेज वहन करेगा। ऐसा सिर्फ विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। अगले वर्ष कम से कम 40 प्रतिशत स्टूडेंट्स के गेट उत्तीर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इन बातों के साथ जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसएस ठाकुर ने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मोटिवेट किया। अवसर था कॉलेज में पिछले तीन वर्षों के टॉपर व मेधावी छात्र-छात्राओं के स्वर्ण पदक वितरण समारोह का। जहां वर्ष 2015, 2016 व 2017 के 42 स्टूडेंट्स को स्वर्ण पदक दिए गए साथ ही गेट क्लियर करने वाले 28 स्टूडेंट्स को भी प्रमाण पत्र दिए गए।

एल्युमिनी के सदस्य रहे अतिथि

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का गौरवशाली इतिहास रहा है। कॉलेज के पूर्व छात्र देश ही ही विदेशों में भी बड़े-बड़े पदों पर रहकर अच्छा काम कर रहे हैं तो वहीं कुछ सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। ऐसे ही पूर्व छात्र संगठन के अध्यक्ष डॉ. एस के गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। साथ ही डॉ.मनीष चौबे, यूएस से आए केके अरोरा उनकी पत्नी बोनी अरोरा, पवर अरोरा ने मौजूद रहकर युवा इंजीनियर्स के उत्साह को सराहा। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व छात्र संगठन के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदीप्ति लाकरा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में वाइस प्रिंसपल एके शर्मा, प्रशांत जैन व अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

एआईआर वाले स्टूडेंट्स हुए शामिल

एक ओर जहां स्वर्ण पदक दिए गए तो वहीं दूसरी ओर गेट में ऑल इंडिया रैंकिंग लाने वाले स्टूडेंट्स को भी प्रमाण-पत्र दिए गए। इनमें ऑल इंडिया में 17वीं रैंक पाने वाले आशीष रघुवंशी, 115वीं रैंक वाले शिवम सिंह, 124वीं रैंक वाले हिमांशु चौधरी, 155वीं रैंक वाले आदेश जैन, 180वीं रैंक वाले गौरव गुप्ता सहित 28 स्टूडेंट्स शामिल रहे।

वर्जन-

2015- 16 वर्ष के टॉपर

नाम- ईशान श्रीवास्तव

एसजीपीए- 9.25

पदक- तीन स्वर्ण पदक

वर्ष- 2015- 16

ब्रांच- मैकेनिकल इंजीनियरिंग

पेरेन्ट्स- मंजू- एसके श्रीवास्तव

मेरी बात- मुझे अपनी ब्रांच और सेमेस्टर में टॉप करने के साथ ही कॉलेज टॉप करने के लिए तीन स्वर्ण पदक दिए गए हैं। वर्तमान में मैं टीसीएस कंपनी में जॉब कर रहा हूं।

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कैंपस में हो चुका है सिलेक्शन

नाम- अर्पिता बैंजामिन

एसजीपीए- 8.62

पदक- दो स्वर्ण पदक

वर्ष- 2017- 18

ब्रांच- इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक

पेरेन्ट्स- अर्चना- सुधीर बैंजामिन

मेरी बात- मुझे सातवें सेमेस्टर में टॉप करने के लिए और अनिल काले मेमोरियल स्वर्ण पदक के रूप में दो पदक प्राप्त हुए हैं। मेरा कैम्पस में इन्फोसिस और रिलायंस कंपनी के लिए सिलेक्शन हो चुका है।

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सातवें सेमेस्टर में टॉप करने के लिए

नाम- प्रीति कथूरिया

एसजीपीए- 8.69

पदक- दो स्वर्ण पदक

वर्ष- 2017- 18

ब्रांच- आईटी

पेरेन्ट्स- उपमा- धर्मेंद्र कथूरिया

मेरी बात- मुझे अपनी ब्रांच में टॉप करने के लिए दो स्वर्ण पदक प्राप्त हुए हैं। मेरा कैंपस सिलेक्शन इन्फोसिस के लिए हो चुका है।

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छात्राओं की टॉपर बनने का अवसर

नाम- आयुषी सिंह

एसजीपीए- 8.94

ब्रांच- इंडस्ट्री एंड प्रोडक्शन

पदक- दो स्वर्ण पदक

वर्ष- 2016-17

पेरेन्ट्स- सावित्री- अभय सिंह

मेरी बात- मुझे अपनी ब्रांच, सेमेस्टर में टॉप करने के लिए ओवर ऑल टॉपर इन गर्ल्स भी चुना गया। मुझे इस बात की बहुत खुशी है।

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लंदन स्कूल ऑफ कॉलेज से पीएचडी

नाम- आयुषी गुप्ता

एसजीपीए- 8.64

पदक- दो स्वर्ण पदक

ब्रांच- ईसी

वर्ष- 2015- 16

पेरेन्ट्स- मंजू- अंकित गुप्ता

मेरी बात- मुझे अपनी ब्रांच में टॉप करने के लिए दो पदक मिले हैं। वर्तमान में लंदन स्कूल ऑफ कॉलेज से पीएचडी कर रही हूं।