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    भागवत गीता के पाठ से उन्नत होंगे विचार

    Published: Wed, 18 Apr 2018 01:18 AM (IST) | Updated: Wed, 18 Apr 2018 01:18 AM (IST)
    By: Editorial Team

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    जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

    श्रीमद्भागवत गीता के पाठ, अध्ययन व मनन से मनुष्य अपने विचारों को उन्नत कर सकता है। इस आशय के विचार रोजगार मंत्रालय, रीजनल अधिकारी मप्र व छग अजय जोशी ने योग व दर्शन विभाग रादुविवि और चिन्मय विद्यापीठ की संयुक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में व्यक्त किया। ये निशुल्क कार्यशाला सुबह 10.30 से दोपहर 12 बजे के बीच डॉ. राजेश कुमार पांडेय द्वारा 16 से 21 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए योग विभागध्यक्ष व कार्यशाला समन्वयक प्रो. भरत कुमार तिवारी ने कहा कि गीता हम तीन उद्देश्यों को लेकर पढ़ते हैं। पहला, गीता की शास्त्रीय योजना को समझने के लिए। दूसरा, पारमार्थिक तत्व को समझने व तीसरा, व्यवहारिक जीवन को हर दृष्टि से उन्नत बनाने के लिए। इस गीता प्रशिक्षण कार्यक्रम में तीनों ही पक्षों को बताया जाएगा। डॉ. रीना मिश्रा ने शांति पाठ, डॉ. रश्मि पटेल ने सरस्वती वंदना, आभार प्रदर्श डॉ. देवेन्द्र पाठक ने किया। डॉ. राकेश गोस्वामी, डॉ. वर्षा अवस्थी, डॉ. राहुल वर्मा व चिन्मय विद्यापीठ के सचिव राजेश विश्वकर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. डीएन शुक्ला, इंदू श्रोती, नागेश राव, संदीप यादव, शलभ चौबे, शंकरलाल जड़िया, धनंजय सिंह परिहार, निधि साहू, अशोक कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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