.......

जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

स्कूलों में पढ़ाई के प्रति बच्चों का घटते रुझान और नीरसता को दूर करने के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) विभिन्न तकनीकों पर काम करता रहा है। इसी क्रम में एक बार फिर सीबीएसई ने अपने इस प्रयास में शिक्षकों को जोड़ते हुए, उनसे कक्षा में पढ़ाई के बेहतरीन तरीकों की केस स्टडीज मांगी है। इसका उद्देश्य कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली विषयवस्तु को रोचक तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि बच्चे सहजता से ज्ञानार्जन कर सकें।

सीबीएसई ने पहली बार देशभर के शिक्षकों से शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर केस स्टडीज आमंत्रित की है। इस संबंध में सीबीएसई से संबंधित सभी स्कूलों को सर्कुलर भी भेजा जा चुका है। सीबीएसई के मुताबिक, किसी भी सेक्टर को विकसिक करने के लिए उसमें शोध की काफी आवश्यकता होती है। शैक्षणिक व्यवस्था में इसकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस साल पहली बार देशभर के शिक्षकों से पढ़ाई के रोचक तरीकों की केस स्टडी मांगी गई है। इन केस स्टडीज के माध्यम से सीबीएसई नए शिक्षकों को पढ़ाई में इनोवेशन करना सिखाएगा।

मटेरियल सत्यापित करेंगे प्राचार्य

सीबीएसई द्वारा तैयार नई कार्ययोजना के अंतर्गत यदि किसी शिक्षक ने कोई केस स्टडीज तैयार की है, तो उसे स्कूल प्राचार्य से सत्यापित करवाना आवश्यक होगा। प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि जो मटेरियल शिक्षक भेज रहा है, वो उसका अपना वास्तविक मटेरियल है कि नहीं।

दीक्षा पोर्टल पर करना होगा अपलोड

पढ़ाई के बेहतरीन तरीकों की मांगी गई केस स्टडीज को नवंबर के दूसरे सप्ताह तक सीबीएसई को भेजना होगा। शिक्षकों को अपना रिसर्च वर्क, केस स्टडी सीबीएसई के दीक्षा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद दीक्षा पोर्टल की टीम चयनित केस स्टडीज को पोर्टल पर जारी करेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस रिसर्च में यदि शिक्षक मटेरियल के रूप में कोई वीडियो या ऑडियो तैयार करते हैं, तो उसे भी अपलोड किया जा सकता है।