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जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

भावों में वो पावनता हो हर मन गंगा हो जाए, देश शमा की लौ हो पंकज बदन पतंगा हो जाए। शौर्य प्रमे और खुशहाली के हो वे रंग पिचकारी में, जिस पर भी जलधार गिरे वो शख्स तिरंगा हो जाए..मानस भवन प्रेक्षागृह में कवि पंकज अंगार की इन पंक्तियों के साथ ही तालियां गूंज उठीं। अवसर था मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के आयोजन एक शाम शहीदों के नाम में कवियों के काव्य पाठ का। लेफ्टिनेंट जनरल आरके राणा के मुख्य आतिथ्य, संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश द्विवेदी की अध्यक्षता और युवा समाजसेवी सोनू बचवानी के विशिष्ट आतिथ्य में होने वाले इस कवि सम्मेलन में कारगिल युद्ध में अपनी अदम्य वीरता प्रदर्शित करते हुए गोली खाने वाले सैनिक नितीश पाण्डे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में दिनेश सोनी राज, शमशीर शिवानी भिलाई, अनीसा कौसर सिवनी, निसार पठान मेघनगर, रेखा भदौरिया ग्वालियर ने श्रोताओं को अपनी प्रस्तुतियों से रस विभोर कर दिया। वरिष्ठ कवि अजय श्रीवास्तव, आशुतोष असर, सोहन सलिल, युनुस अदीब, जलाल मयकश, सूरज राय सूरज ने कवि सम्मेलन को अनुभूतियों की ऊंचाईयों तक पहुंचाया।