प्रशासन ने दूर किया जलसंकट

-ट्यूबवेल की मदद से झरना भी चालू

अठाना। नईदुनिया न्यूज

सुखानंद धाम तीर्थ पर भीषण गर्मी में 71 फीट ऊंचा झरना बहना शुरू हुआ है। आश्चर्य की बात नहीं, यह स्थिति एक ट्यूबवेल की मदद से बन सकी है। जिला प्रशासन ने सुखानंद धाम तीर्थ पर पानी की किल्लत और जलसंकट को दूर किया है। साथ ही श्रद्घालुओं के स्नान के लिए झरना भी शुरू कराया है।

जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर अरावली पर्वत श्रृंखला पर सुखानंद धाम तीर्थ है। कुछ दिनों पूर्व यहां पेयजल की किल्लत थी। श्रद्घालुओं के लिए वापरने और पीने का पानी उपलब्ध नहीं था, लेकिन सुखानंद धाम तीर्थ प्रबंध समिति की बैठक में चर्चा के बाद मेले के मद्देनजर प्रशासन ने तैयारियां पुख्ता कीं। प्रशासन ने मंदिर समिति की अनुशंसा पर मंदिर क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की। साथ ही श्रद्घालुओं के स्नान के लिए ट्यूबवेल की मदद से 71 फीट ऊंचा झरना भी चालू किया। झरने में प्रवाह बना हुआ है।

रंग लाई किसान की पहल

सुखानंद धाम पर पानी की किल्लत को दूर करने और झरने को जीवित करने में राजस्थान के अनोपपुरा के किसान नवलसिंह राजपूत की पहल रंग लाई है। उन्होंने निशुल्क पानी मुहैया कराया है।

इन्होंने देखी व्यवस्थाएं

मंदिर क्षेत्र में समिति के निर्णय के अनुसार व्यवस्थाएं की जा रही है। व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग और उन्हें करवाने में पवन पाराशर, सचिन पाराशर, पप्पूसिंह, पर्वतसिंह राजपूत, पटवारी नवीन तिवारी, सरपंच निर्मला देवी खराड़िया, सचिव कैलाश बंजारा, ओमप्रकाश पाराशर सहित अन्य लगे हुए हैं।

फोटो-

06एनएमएच-38, इस तरह पहाड़ी से झरना गिरना शुरू हो गया।

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चूक उजागर हुई तो निरस्त कर दी नीलामी

नीमच। नीलामी प्रक्रिया की चूक उजागर हुई तो नगर पालिका ने दुकानों की नीलामी निरस्त कर दी। टैगोर मार्ग स्थित सब्जी मंडी की दुकानों की नीलामी के लिए नपा में प्रक्रिया संचालित थी। दुकानों की नीलामी के पूर्व आरक्षण प्रक्रिया अपनाई जानी थी, लेकिन यह विसंगतिपूर्ण थी, जिस पर कांग्रेस पार्षद महेंद्रसिंह लोक्स ने आपत्ति ली तो नीलामी निरस्त कर दी गई। पार्षद लोक्स ने आरोप लगाया जातिगत आधार पर आरक्षण में दुकानों की अनदेखी की गई। गुपचुप तरीके से मौके की दुकानें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई। जानकारी लेने पर ही नीलामी निरस्त कर दी गई। इसमें राजस्व समिति सभापति रमेश सोनी व अधिकारियों की मिलीभगत है। वहीं राजस्व समिति सभापति सोनी ने बताया कि दुकानों के आरक्षण की प्रक्रिया अधिकारियों-कर्मचारियों ने पूरी की। पूर्व में भी वे ही करते आए हैं। पार्षद ने नीलामी के पूर्व आरक्षण प्रक्रिया पर आपत्ति ली तो समूची प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। दुकानों का आरक्षण गोटी डालकर सभी पार्षदों की मौजूदगी में किया जाएगा।

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