अभिषेक शर्मा/कमलेश जैन नीमच/सरवानिया महाराज। जिले के सरवानिया महाराज में कालिका माता मंदिर समिति अप्रैल में निर्धन परिवारों के युवक-युवतियों का विवाह कराने जा रही है। इसमें वर-वधू पक्ष से सिर्फ एक-एक तगारी गेहूं (करीब पांच किलो) लिया जाएगा। नव दंपती को गृहस्थी का सामान और जरूरी वस्तुएं उपहार में दी जाएंगी। अब तक 20 जोड़ों के विवाह का पंजीयन हो चुका है। वर-वधू पक्ष से लिए गेहूं का उपयोग मेहमानों के खाने और धार्मिक आयोजनों के दौरान होने वाले भोज में किया जाएगा। यह अनूठी पहल हो रही है जिला मुख्यालय से लगभग 21 किमी दूर साढ़े सात हजार की आबादी वाले सरवानिया महाराज नगर में।

वरिष्ठ नागरिक और पूर्व सैनिक कुशल सिंह राणावत ने मां कालिका माता मंदिर समिति के सदस्यों केशुराम चोहरा, राजेश चोहरा, श्रीबक्ष राजपूत, रामनिवास राठौर, जगदीश चोहरा, भागीरथ चोहरा, लक्ष्मीनारायण चोहरा, भागीरथ सालवी, पप्पू राठौर और प्रहलाद आदि के साथ मिलकर आयोजन का बीड़ा उठाया है। 22 से 28 अप्रैल तक देवी मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और ध्ाार्मिक अनुष्ठान होंगे, अंतिम दिन सामूहिक विवाह और भोज होगा।

हिसाब सार्वजनिक करेंगे

पूर्व सैनिक राणावत ने बताया कि बच्चों का विवाह माता-पिता के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। यदि वे आर्थिक रूप से कमजोर हों तो चुनौती और कड़ी हो जाती है। इसको देखते निधर््ान परिवारों के लिए कम से कम खर्च में विवाह का निर्णय लिया है। समिति बारातियों के आगमन से विदाई तक आतिथ्य सत्कार का इंतजाम करेगी। इसमें चाय-नाश्ते से लेकर भोजन तक की व्यवस्था होगी। नवविवाहित जोड़ों को विवाह के बाद समिति सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी प्रदान करेगी। धार्मिक आयोजन और विवाह संस्कार के अन्य खर्चों की पूर्ति जनसहयोग से मंदिर समिति करेगी। उन्होंने बताया कि आयोजन के बाद विवाद से बचने के लिए समिति खर्च का लेखाजोखा सार्वजनिक भी करेगी।