----नईदुनिया सकारात्मक----

74.55 करोड़ खर्च

- नीमच-मनासा के बीच सफर आसान, आरोग्य तीर्थ भादवा माता तक पहुंचने में भी सुविधा

नीमच। नईदुनिया प्रतिनिधि

एमपीआरडीसी की मॉनीटरिंग में नीमच-मनासा रोड बनने से सफर आसान हो गया है। 74.55 करोड़ की लागत से 90 मिनट का सफर अब 40 मिनट में तय हो रहा है। भक्तों को आरोग्य तीर्थ भादवा माता पहुंचने में भी आसानी हो रही है। नीमच-मनासा विकासखंड के कई गांवों के लोगों को भी आवागमन की सहुलियत हुई है।

जिला मुख्यालय से मनासा की दूरी लगभग 32 किमी है। सालों से नीमच से मनासा का सफर काफी जोखिमभरा और दुष्कर साबित हो रहा था। रामपुरा, मनासा, कुकड़ेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। 32 किमी दूरी तय करने में 90 मिनट से ज्यादा का समय लगता था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कोशिशों से राज्य सरकार ने नीमच से मनासा तक 32 किमी लंबे सीमेंट कांक्रीट टू लेन के निर्माण के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। करीब डेढ़ साल की अवधि में 74.55 करोड़ की लागत से नीमच-मनासा के बीच सीमेंट कांक्रीट टू लेन तैयार हो चुका है। इससे सफर का समय लगभग आधा रह गया है। अब वाहन चालक नीमच से मनासा तक की दूरी 30 से 40 मिनट में तय कर लेते हैं। इसी प्रोजेक्ट में सरकार ने नीमच के शहरी क्षेत्र शोरूम चौराहा से माधोपुरी बालाजी ब्रिज तक का हिस्सा भी जोड़ा है। इसके कारण निर्माण की अवधि कुछ और बढ़ गई है। नीमच से मनासा का कार्य पूर्ण हो चुका है। शहरी क्षेत्र में कार्य पूर्ण होते ही निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी को रोड हस्तांतरित कर देगी।

पहले यह हालात

- नीमच से मनासा तक डामर टू लेन था।

- कई स्थानों पर रोड पर गड्ढे थे। सफर दुष्कर था।

- 32 किमी दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लगता था।

- खस्ताहाल सड़क से दुर्घटनाएं होती थीं।

- सड़क की जर्जरता के कारण यात्री परिवहन के साधनों में कमी आई थी।

- महामाया भादवा माता व अल्हेड़ की आईजी माता के दर्शन दुर्लभ थे।

अब यह सुविधा

- नीमच से मनासा तक 32 किमी का सीमेंट कांक्रीट टू लेन तैयार है।

- गड्ढों से मुक्ति मिल चुकी है। सफर सुविधाजनक हो गया है।

- चकाचक सड़क के कारण दुर्घटनाओं में कमी आई है।

- बेहतर सड़क के कारण यात्री परिवहन के साधनों में इजाफा हुआ है।

- महामाया भादवा माता व अल्हेड़ की आईजी माता तक पहुंच आसान हुई है।

हस्तांतरण में देरी क्यों

नीमच-मनासा टू लेन रोड शहर के शोरूम चौराहा तक बनाया जाना था। नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार की मांग पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मंजूरी की मुहर लगाई। उन्होंने इसी प्रोजेक्ट में शोरूम चौराहा से माधोपुरी बालाजी ब्रिज तक सीमेंट कांक्रीट फोरलेन बनाने की मंजूरी दी। इसका कार्य तेज गति से चल रहा है। यही कारण है कि निर्माण एजेंसी ने एमपीआरडीसी को सड़क हस्तांतरित नहीं की है।

अतिरिक्त कार्य जुड़ने से देरी

नीमच-मनासा रोड का निर्माण कार्य फरवरी 2017 में पूर्ण हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्र में शोरूम चौराहा से माधोपुरी बालाजी ब्रिज तक अतिरिक्त सीमेंट कांक्रीट फोरलेन का कार्य जुड़ने से देरी हुई है। कार्य पूर्ण होने के बाद ही निर्माण एजेंसी सड़क विभाग को हस्तांतरित करेगी। कुछ समय नागरिकों को और इंतजार करना होगा।

- आरके जैन, महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी, उज्जैन संभाग

फोटो-

14एनएमएच-35, नीमच-मनासा रोड पर सड़क निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है।

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