उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आम भक्तों को वीआईपी के साथ नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने बुधवार से नई दर्शन व्यवस्था लागू की है। इससे दर्शनार्थी खुश हैं। सिंहस्थ 2016 में प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था लागू की गई थी। उस समय भी यह योजना सफल रही थी। अभी तक आमभक्तों को गर्भगृह से 50 फीट दूर गणेश और कार्तिकेय मंडपम् से दर्शन कराए जा रहे थे।

महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर आए दिन विवाद सामने आते रहे हैं। मंदिर प्रशासन अब तक प्रोटोकॉल के तहत आने वाले दर्शनार्थियों को नंदी हॉल से दर्शन करवाता आया है, जबकि आम दर्शनार्थियों को 50 फीट दूर गणेश मंडपम् से राजा के दर्शन हो रहे थे।

इससे आम दर्शनार्थियों में असंतोष पनप रहा था। समस्या के निराकरण के लिए संभागायुक्त अजीत कुमार व कलेक्टर शशांक मिश्र ने आम दर्शनार्थियों को भी वीआईपी के साथ नंदी हॉल से दर्शन कराने का निर्णय लिया।

बुधवार से यह व्यवस्था लागू की गई। इस व्यवस्था से श्रद्धालु 10 फीट दूर से भगवान महाकाल के दर्शन कर पा रहे हैं, साथ ही नंदी भगवान को स्पर्श कर वे काफी खुश हैं। पहले दिन उप प्रशासक आशुतोष गोस्वामी व सहायक प्रशासक चंद्रशेखर जोशी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नंदी हॉल में मौजूद रहे। गौरतलब है कि महाकाल सेना लंबे समय से नंदी हॉल से आम दर्शनार्थियों को दर्शन कराने की मांग करती रही है। सेना के राष्ट्रीय प्रमुख पं.महेश पुजारी ने अधिकारियों द्वारा लागू की गई व्यवस्था की सराहना की है।