ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सांतवे वेतनमान की मांग कर रहे मेडिकल टीचर्स पर प्राइवेट प्रैक्टिस एवं एनपीए बंद होने का संकट मंडराने लगा है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की बैठक में आधे डॉक्टरों का कहना था कि सुपर स्पेशलिटी का पैकेज दे दिया जाए तो वह प्रैक्टिस बंद करने को तैयार हैं, जबकि कुछ डॉक्टरों का तर्क था कि प्राइवेट प्रैक्टिस बंद करने का सवाल ही नहीं उठता है, क्योंकि यह तो नियुक्ति पत्र में लिखा हुआ है। ऐसे में अब 13 अगस्त को भोपाल में होने वाली बैठक में डॉक्टर अपने निर्णय से प्रमुख सचिव को अवगत कराएंगे।

दरअसल चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया ने मेडिकल टीचर्स को दो ऑप्शन दिए हैं, जिसमें प्राइवेट प्रैक्टिस बंद करना और दूसरा सांतवा वेतनमान का लाभ, आयुष्मान भारत में 20 प्रतिशत इंसेटिव एवं शाम को अस्पताल परिसर में प्रैक्टिस की अनुमति देना शामिल हैं। 13 अगस्त को मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की भोपाल में प्रमुख सचिव के साथ दोबारा बैठक होना है, जिसमें एमटीए को डॉक्टर्स के निर्णय से अवगत कराना है। इसके पूर्व मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की एक बैठक बीते रोज हुई, जिसमें डॉक्टरों में कोई सहमति नहीं बन सकी है, क्योंकि 50 प्रतिशत डॉक्टर का कहना था कि उनको सुपर स्पेशिलिटी या एम्स का पैकेज दिया जाए तो वह प्राइवेट प्रैक्टिस बंद कर देंगे, जबकि जिन डॉक्टर्स की प्राइवेट प्रैक्टिस जमी हुई है वह बंद करने को तैयार नहीं हैं।

डॉक्टरों की उलझन बढ़ीः

पीएस के सख्त रवैये ने डॉक्टरों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सांतवे वेतनमान की मांग कर रहे डॉक्टरों का फोकस अब प्राइवेट प्रैक्टिस और एनपीए बचाने पर है। बैठक में कुछ डॉक्टरों का तो यह तक कहना था कि जैसा वर्तमान में चल रहा है, वैसा ही चलने दिया जाए। वह आयुष्मान भारत का काम भी बिना इंसेटिव करने को तैयार हैं।

बैठक में होगा निर्णयः

सभी मेडिकल कॉलेजों की मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को 13 अगस्त को भोपाल में बुलाया गया है, जिसमें पदाधिकारियों को यह बताना है कि उन्हें दोनों ऑप्शन में से क्या मंजूर है। सूत्रों की मानें तो जूडा की हड़ताल के दौरान पीएस ने जिस प्रकार के सख्त निर्णय लिए थे, उससे डॉक्टरों की टेंशन बढ़ गई है। ऐसे में अधिकांश डॉक्टर यही चाहते हैं कि वर्तमान स्थिति कायम रहे।

वर्जनः

पीएस ने जो दोनों ऑप्शन दिए थे, उन पर बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी है। पीएस के सामने मुद्दों को रखा जाएगा।

डॉ. सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष एमटीए