ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कैजुअल्टी में सर्जरी, मेडिसिन विभाग के एसआर मौजूद ही नहीं रहते हैं। ड्यूटी पर मेडिकल ऑफिसर रहते हैं, मामूली खरोंच भी किसी मरीज को लगी हो तो सीधे ट्रामा सेंटर में ड्रेसिंग के लिए भेज देते हैं। जिसके कारण ट्रामा में लोड बढ़ता जा रहा है। कैजुअल्टी की व्यवस्था सुधरेगी तो ट्रामा में अपने आप स्थिति सुधर जाएगी।

यह बात ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने जयारोग्य अस्पताल डॉ जेएस सिकरवार से कही। संभागायुक्त बीएम शर्मा ने कैजुअल्टी एवं ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते बीते रोज जेएएच अधीक्षक डॉ सिकरवार ने कैजुअल्टी एवं ट्रामा के चिकित्सकों की बैठक बुलाई थी। साथ ही सभी विभागों के एचओडी भी बुलाए गए थे। इस दौरान जब ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने एसआर जेआर के मौजूद नहीं होने की बात कही तो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर नाराज हो गए, उनका कहना था कि विभाग के एसआर रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी दे रहे हैं। इस पर जेएएच अधीक्षक डॉ सिकरवार ने कहा कि पिछले दिनों कैजुअल्टी एवं ट्रामा सेंटर में निरीक्षण के दौरान एसआर जेआर नदारद मिले थे। जेएएच अधीक्षक ने कहा कि कैजुअल्टी इंचार्ज एवं एचओडी की जिम्मेदारी है कि विभाग के एसआर जेआर अनिवार्य रुप से कैजुअल्टी में ड्यूटी पर मौजूद रहें। इसके लिए सतत निरीक्षण भी किए जाएं।

सीधे वार्डों में रेफरः

जेएएच में कैजुअल्टी की स्थिति काफी खराब है। व्यवस्थाएं सुधारने के इरादे से अब इसका चार्ज सर्जरी विभाग के डॉ सुनील अग्रवाल को दिया गया है। हालांकि इसके बाद भी हालात नहीं बदले हैं। कैजुल्टी में पहुंचने वाले चोटिल व्यक्ति को सीधे ट्रामा सेंटर भेजा जा रहा है, जबकि उल्टी दस्त के मरीजों को भी वार्डों में पहुंचाया जा रहा है। इन अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए जेएएच अधीक्षक ने बैठक बुलाई थी।

नेत्र रोग के एसआर भी करेंगे ड्यूटीः

सर्जरी, मेडिसिन के साथ ही अब नेत्र रोग विभाग के एसआर की ड्यूटी भी कैजुअल्टी में लगाई जाएगी। जिससे नेत्र रोग से संबंधित मरीजों को सामान्य उपचार कैजुअल्टी में ही उपलब्ध हो सके। गौरतलब है कि अब तक नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर नहीं बैठते हैं। इसके अलावा कैजुअल्टी का ड्यूटी रोस्टर तैयार करके अधीक्षक कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिससे की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा सके।

वर्जनः

कैजुअल्टी एवं ट्रामा की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर डॉक्टरों से चर्चा की गई थी। मेडिसिन, सर्जरी के साथ ही अब नेत्ररोग विभाग के एसआर भी कैजुअल्टी में ड्यूटी करेंगे।

डॉ जेएस सिकरवार, अधीक्षक जेएएच