ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिला अस्पताल मुरार के एसएनसीयू में शुक्रवार से बच्चों को भर्ती करना बंद कर दिया गया था। रविवार की सुबह एसएनसीयू में भर्ती 6 बच्चों को मदर वार्ड में शिफ्ट करने के बाद विद्युत फीटिंग का काम शुरू हो गया है। अब अगले 15 दिन तक मुरार एसएनसीयू में बच्चों को भर्ती नहीं किया जाएगा।

मुरार जिला अस्पताल के एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण कई बार आगजनी की घटना होने के बाद करीब डेढ़ माह पहले आउट बोर्न यूनिट बंद कर दी गई थी। लोक स्वास्थ्य विद्युत यांत्रिकी विभाग अब विद्युत फीटिंग का काम शुरू करने वाला है, इसलिए शुक्रवार से बच्चों को भर्ती करना बंद कर दिया गया था। 12 बच्चों में से 6 तो डिस्चार्ज हो चुके थे, जबकि बाकी 6 को स्वस्थ्य होने पर रविवार की सुबह 6 बजे मदर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही एसएनसीयू पूरी तरह से खाली हो गया है और लोक स्वास्थ्य विद्युत यांत्रिकी विभाग ने काम शुरू कर दिया है। विद्युत संबंधित कार्य अगले 15 दिन में पूरा होगा। इस अवधि में ओपीडी भी मदर वार्ड के वेटिंग रूम में ही संचालित होगी। जहां पर मामूली तबियत खराब होने पर बच्चों का उपचार किया जाएगा, यदि स्थिति गंभीर हुई तो एम्बुलेंस बुलाकर केआरएच रेफर किया जाएगा।

नहीं हुआ कमरे का निर्माणः

स्वास्थ्य विभाग ने पहले योजना बनाई थी कि एसएनसीयू बंद रहने पर एक कमरे को तैयार किया जाएगा। जिससे की मामूली बीमार बच्चों को भर्ती रखकर उपचार किया जा सके। एसएनसीयू तो बंद हो गया है, लेकिन कमरा अब तक तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में फिलहाल बच्चों को यहां भर्ती किया ही नहीं जाएगा।