ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पनिहार में बने सीआरपीएफ कैम्प में 5000 जवानों के लिए पानी की कमी है, इस कमी को पूरा करने के लिए सीआरपीएफ के अधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त से तिघरा के पानी की मांग की है। निगमायुक्त ने तिघरा का पानी सीआरपीएफ को देने में असमर्थता जताते हुए कहा है कि शहर में ही तिघरा का पानी पर्याप्त नहीं हो पा रहा है, हमारी पहली प्राथमिकता शहरवासियों को पानी सप्लाई करने की है।

पनिहार के पास सीआरपीएफ का ट्रेनिंग सेंटर है, यहां पर वर्तमान में 5000 जवान रहते हैं, साथ ही जवानों के लिए और भी क्वार्टर बन रहे हैं। इन क्वार्टरों के बनने के बाद जवान यहां अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। लेकिन इन जवानों के लिए सीआरपीएफ कैंप में पानी की कमी है, क्योंकि वर्तमान में सिर्फ बोरिंगों के माध्यम से ही कैंप में पानी सप्लाई हो रहा है। पानी की कमी को देखते हुए सीआरपीएफ अधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा से विगत दिनों मुलाकात कर तिघरा की लाइन को सीआरपीएफ कैम्प तक ले जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि नगर निगम चौधरी ढाबे तक पानी की लाइन ले जा रहा है इस लाइन को वह आगे बढ़ाकर सीआरपीएफ कैंप तक ले आएं तो वहां तक तिघरा का पानी पहुंच सकता है। इस लाइन के लिए निगमायुक्त ने मना करते हुए कहा है कि अभी शहर के लिए ही तिघरा में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है ऐसे में वह सीआरपीएफ को पानी नहीं दे सकते।

सीआरपीएफ का तिघरा निगमायुक्त का पेहसारी पर जोर

सीआरपीएफ अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनके कैंप तक तिघरा के पानी की लाइन पहुंच जाए, वहीं नगर निगम आयुक्त इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सीआरपीएफ कैंप के लिए तिघरा के पानी की अपेक्षा पेहसारी से पानी की लाइन पहुंचाई जाए।

पेहसारी की योजना को नहीं मिली मंजूरी

सीआरपीएफ कैंप तक पानी की सप्लाई के लिए सबसे पहले पेहसारी से पानी लाने की योजना बनाई गई थी। पेहसारी से कैंप तक पानी की लाइन के लिए 201 करोड़ की डीपीआर भी बनाई गई थी। लेकिन 201 करोड़ रुपए की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिल सकी इसके कारण यह योजना अधर में अटक गई।

अमृत योजना के तहत चौधरी ढाबे तक आएगी लाइन

अमृत योजना के तहत नगर निगम चौधरी ढाबे तक पानी की लाइन ला रहा है। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पानी के लिए 8.5 करोड़ रुपए का बजट है। नगर निगम अगर लाइन डालता है तो वह यह रकम उसे दे सकते हैं।

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तिघरा का पानी सीआरपीएफ कैंप तक लाने की योजना को लेकर तत्कालीन निगमायुक्त अनय द्विवेदी ने हामी भर दी थी, फिर हमने अपनी योजना बनाई जिसमें जानकारी मांगी गई, लेकिन तब तक निगमायुक्त का ट्रांसफर हो गया। अब यह योजना खटाई में डाल रहे हैं।

आरसी मीणा, डीआईजी सीआरपीएफ कैंप

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शहर के लिए ही तिघरा में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं है, साथ ही शहर में 6 नए वार्ड और जुड़ गए हैं। सीआरपीएफ वाले तिघरा का पानी मांग रहे हैं, लेकिन सीआरपीएफ कैंप के लिए पेहसारी की योजना सबसे बेहतर है। क्योंकि वहां तक नहर भी आई हुई है।

विनोद शर्मा, नगर निगम आयुक्त