ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

वीआईपी कोटे में सीट कंफर्म कराने के लिए बड़े दलाल फर्जी लेटरपेड का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबलपुर और कानपुर में इस प्रकार के मामले सामने आने पर रेलवे बोर्ड ने लेटरपेड के साथ आईडी प्रूफ अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब यात्रा करने वाले को अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी लगाना होगी। दिलचस्प बात यह है कि ग्वालियर में कुछ बड़े दलाल फर्जी लेटरपेड का उपयोग कर रहे हैं, इसकी जानकारी लगने के बाद स्थानीय अधिकारी अब जांच के बाद कोटा फीड करते हैं। इसी वजह से लेटरपेड के साथ आईडी प्रूफ नहीं होने पर वीआईपी कोटा लगाया ही नहीं जा रहा है।

क्या है वीआईपी कोटाः ट्रेनों में न्यायाधीश, सांसद एवं विधायक के लिए वीआईपी कोटे की व्यवस्था होती है। ट्रेन में वेटिंग होने के बाद भी माननीय के लेटरपेड पर आवेदन करने पर सीट कंफर्म हो जाती है।

कैसे होता है आवेदनः सांसद विधायक के लेटरपेड पर वीआईपी कोटे के लिए आवेदन किया जाता है, जिसमें यात्री का नाम, पता, श्रेणी आदि की जानकारी दी जाती है।

एक सीट पर 3-3 आवेदनः गर्मी के मौसम और त्यौहारी सीजन में ट्रेनों में रिजर्वेशन कंफर्म होना मुश्किल हो जाता है। इस अवधि में सबसे अधिक वीआईपी कोटा लगता है। इसमें रुट भी महत्व रखता है। रेलवे अफसरों के मुताबिक 2 माह पहले स्थिति यह थी कि 1 सीट पर तीन आवेदन हो जाते थे, जबकि अब 7-8 आवेदन ही पहुंच रहे हैं।

क्यों लगाना होगा आधार कार्डः वीआईपी कोटे के लिए कुछ बड़े दलाल फर्जी लेटरपेड का इस्तेमाल कर रहे थे। इस प्रकार के मामले जबलपुर एवं कानपुर में पकड़े गए हैं। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने आईडी प्रूफ के रूप में आधार कार्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।

इन ट्रेनों में है वीआईपी कोटाः झांसी-मुंबई-बांद्रा, दुर्गावती एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी, भिंड इंदौर इंटरसिटी, पठानकोट, ग्वालियर इंदौर इंटरसिटी, कटरा जबलपुर दुर्गावती एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस, गरीब रथ, जीटी एक्सप्रेस, देहरादून इंदौर एक्सप्रेस, पातालकोट, ओखा एक्सप्रेस, इंदौर चंडीगढ़ साप्ताहिक,कोटा पैसेंजर, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति, एपी एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दिन जबलपुर एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, पूणे एक्सप्रेस, सुशासन एक्सप्रेस, बरौनी मेल, शताब्दी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, चंबल एक्सप्रेस, भोपाल इंटरसिटी, मंगला एक्सप्रेस, कर्नाटका एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, ओखा गोरखपुर एक्सप्रेस, छग एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, अमृतसर इंदौर एक्सप्रेस, एपी एसी एक्सप्रेस शामिल हैं।

सामने बैठकर भरते हैं लेटरपेडः ग्वालियर में स्टेशन निदेशक के कार्यालय में कर्मचारियों के सामने भी फर्जी लेटरपेड के मामले सामने आए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि एक व्यापारिक संस्था एवं एक सांसद का लेटरपेड लेकर कई बार कुछ लोग आते हैं। यह लोग कोरा लेटरपेड लेकर आते हैं और हमारे सामने ही भरते हैं। इस मामले में गड़बड़ी की शंका के कारण अब इनकी जांच की जाती है। व्यापारिक संस्था का जावक नंबर एवं सांसद के लेटरपेड के साथ आईडी प्रूफ लिया जाता है, इसके बाद ही वीआईपी कोटा फीड किया जाता है।

क्या है नियमः

-आवेदन के साथ गाड़ी संख्या, यात्रा दिनांक, श्रेणी, यात्रा कहां से कहां तक, पार्टी प्रमुख का नाम, विभाग का नाम, मोबाइल नंबर लगाना होता है।

-यात्री को अपने परिचय पत्र की कॉपी लगाना होती है।

-वीआईपी कोटा के लिए आवेदक को अपना मांग पत्र खुद ही भरकर जमा करना होगा।