ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

33 दिन पूर्व पनिहार हाइवे पर हरिसिंह सोलंकी की मौत उसकी बाइक को किसी भारी वाहन के टक्कर मारने से नहीं हुई थी। हरिसिंह की मौत रानी घाटी पर जीप पटलने के कारण हुई थी। आरोन थाना पुलिस ने जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ दुर्घटना के साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया है।

आरोन थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 9 जुलाई को पनिहार थाना पुलिस को सूचना दी थी कि पनिहार निवासी हरिसिंह सोलंकी की बाइक को हाइवे पर किसी भारी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। लेकिन इससे पहले रानी घाटी पर जीप पलटने की सूचना 108 एंबुलेंस को दी गई थी। एंबुलेंस मौके पर भी पहुंची थी। जीप पलटने से हरिसिंह सोलंकी खून में लथपथ हालत में पड़े थे। एंबुलेंस के स्टाफ के परीक्षण करने पर पाया कि हरिसिंह सोलंकी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसलिए 108 एबुलेंस शव को छोड़कर वापस लौट आई थी। यह बात पुलिस के संज्ञान में पहले से थी।

रात में ही परिजनों ने पनिहार हाइवे पर एक्सीडेंट में हरि सिंह की मौत होने की सूचना

परिजन शव को डेड हाउस पहुंचाने की बजाए आरोन थाने को बगैर सूचना दिए हरि सिंह के शव को पनिहार हाइवे पर ले गए। जहां सड़क पर शव को डालकर पनिहार थाना पुलिस को बताया कि रात के अंधेरे में कोई भारी वाहन इनकी बाइक को टक्कर मारकर भाग गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मामला संदिग्ध होने पर पनिहार थाना पुलिस ने पड़ताल की। पड़ताल से साफ हुआ कि जयंत सोलंकी, संजू सोलंकी, राघवेंद्र सोलंकी व असलम ने दुर्घटना के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। आरोन थाना पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर लिया है।

दुर्घटना राशि के लिए बदला घटना स्थल

आरोन प्रभारी कुलदीप ने बताया कि आरोपितों ने हरि सिंह सोलंकी के परिजनों को दुर्घटना की राशि का लाभ दिलाने की नीयत से घटना स्थल बदला था।