ग्वालियर,नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछड़ा वर्ग मोर्चा को संबैधानिक दर्जा दिलाए जाने का काम आसान नहीं था। यदि ये काम आसान होता तो70 वर्षों में कांग्रेस ये काम कभी न कभी कर ही देती। हकीकत ये है कि कांग्रेस ने कभी इस मामले में प्रयास ही नहीं किया। वहीं भाजपा सांसदों इस मसले को लेकर लगातार लोकसभा और राज्यसभा में बात उठाई। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संबैधानिक दर्जा दिलाए जाने का काम तमाम गतिरोधों को पार करते हुए पूरा किया।

उक्त उद्यार केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को यहां 38 रेस कोर्स रोड स्थित संभागीय कार्यालय पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राधेलाल बघेल, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर रावत, जीडीए अध्यक्ष अभय चौधरी, रविंद्र सिंह राजपूत, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संबैधानिक दर्जा दिए जाने पर पार्टी द्वारा सभी क्षेत्रीय सांसदों का केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि रूप में अभिनंदन किया जा रहा है।

मोदी की इच्छा शक्ति का परिणाम

मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार आई तो प्रधानमंत्री ने इस विषय को उठाया और लोकसभा में बिल के रूप में प्रस्तुत किया। निश्चित रूप्‌ से यह मोदी सरकार की बड़ी सफलता है। यह सत्र छोटा था। आयोग का यह विवादास्पद बिल प्रधानमंत्री जी ने पास कराया इसलिए यह सत्र बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा व पिछड़ा वर्ग नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री तोमर का शॉल श्रीफल से सम्मान किया।