बिलौआ। कस्बे में पिछले 8 दिन से रामलीला का आयोजन कि या जा रहा है। इसमें शनिवार को श्री राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राज्याभिषेक का मंचन किया गया। दासी मंथरा ने महारानी कै के ई को स्वार्थी बना दिया उस स्वार्थ के वशीभूत होकर रानी कैकई ने अपने सबसे प्रिय राजकु मार श्रीराम को राजा दशरथ से 14 वर्ष का वनवास और अपने सगे पुत्र भरत को अयोध्या की राजगद्दी मांग, राम को जब इस बारे में पता चला तो राम अपने सारे सुखों का त्याग कर वन जाने के लिए तैयार हो गए।

राजा दशरथ ने शादी के समय महारानी कैकई को दो वचन दिए थे जिनका महारानी कैकई ने अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कि या। महाराज दशरथ से राम को वनवास और भरत को अयोध्या की राजगद्दी मांग कर दुखी कर दिया। इसी दुख में राजा दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए जब इसकी जानकारी भरत के पास पहुंची तो भरत अयोध्या आए और उन्हें श्री राम के वनवास जाने के बारे में पता चला तो वे उन्हें वापस लेने के लिए पहुंच गए, लेकि न वहां से श्रीराम ने वापस लौटने से मना कर दिया और भरत ने भगवान श्री राम की खड़ाऊ को लाकर उस राजगद्दी पर रखा जो श्री राम जिस के हकदार थे और उन्हीं की पूजा करने लगे। इस अवसर पर भरोसी लाल चौरसिया, श्रीकांत शर्मा, सुशील चौरसिया, हरगोविंद भार्गव, मोहन शर्मा, मनोज शर्मा, आनंद विहारी शर्मा, प्रदीप शर्मा, सुरेश शर्मा, गोपाल पचोरी, अयोध्या शर्मा नरेश प्रजापति आदि शामिल थे।

फोटो

00000000000000