नरसिंहपुर।

जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री निर्देश दे दें कि बिजली की आपूर्ति सही रखी जाए, जले ट्रांसफार्मर बदले जाएं या फिर जिला विकास समन्वय समिति दिशा की बैठक में सांसद और राज्यमंत्री के निर्देश हों कि जले हुए ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं, लेकिन ऐसे निर्देश सुनने के आदी हो गए अधिकारी अनसुने करते हैं, उन्हें वही कार्य करना है जो उनके फायदे और सुविधा के लिए हों। बीसों स्थानों

पर जले ट्रांसफार्मरों से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों में जू नहीं रैंग रही है।वाक्या इस तरह देखिए, विद्युत वितरण केन्द्र कौड़िया के अंतर्गत समिति गांव सुकरी में रखा 25 केव्हीए का ट्रांसफार्मर पिछले डेढ़ हफ्ते से जला है, विभाग की इसकी सूचना तत्काल दी गई, तब दो-तीन दिन बाद खेत से डीपी उतारकर किसानों से उसे विद्युत केन्द्र गाडरवारा पहुंचाई, एक हफ्ते से अधिक समय गुजर रहा है, किसानों को ट्रांसफार्मर नहीं मिला। किसानों की गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। इसके पहले सुकरी गांव में रखा 200 केवीए का ट्रांसफार्मर भी जल गया था, दो दिन तक ट्रांसफार्मर को उतारा नहीं गया, तब करीब डेढ़ दर्जन किसानों ने मजबूर होकर चंदा इकट्ठा किया, 3 दिन बाद ट्रांसफार्मर मिला। सुकरी गांव में ही तुलसाबाई के खेत में 63 केव्ही ट्रांसफार्मर जलने के 8 दिन बाद दिया गया, किसानों ने बार-बार समस्या बताई, लेकिन 8 दिन बाद ही ट्रांसफार्मर मिल सका।