अनूपपुर।

16 साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पगना निवासी पूरन सिंह लापता हो गए थे। पूरन के पास पांच एकड़ जमीन थी जिसे जमीन के दलालों ने कूट रचना कर किसी दूसरे व्यक्ति को पूरन सिंह बताकर जमीन बेच दी। जब पूरन सिंह के पुत्र को यह पता चला तो थाने में शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू की तो जमीन फर्जी रूप से बेचने के मामले में चार लोगों पर अपराध कायम किया। जब इन्हें गिरफ्तार पूछताछ की तो पुलिस को आरोपितों ने खुलासा किया कि पूरन सिंह लापता नहीं हुए बल्कि हत्या कर दी गई और नदी में बहा दिया गया।

यह है मामला

कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम पंगना में वर्ष 2002 में पूरन सिंह अचानक लापता हो गए । कुछ समय बाद पूरन की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनूपपुर बस्ती के कुछ जमीन दलाल द्वारा फर्जी तरीके से लाल सिंह को पूरन सिंह बना कर 18 सितंबर 2017 को अनंत खलको निवासी भोपाल को 5 लाख 45 हजार 500 रुपए में रजिस्ट्री कर पूरन सिंह की उक्त बेच दी जिसकी शिकायत पूरन सिंह के पुत्र अशोक सिंह ने थाने में की । बताया गया कि पिता की जगह लाल सिंह को खड़ा कर फर्जी तरीके से जमीन को बेचा गया। जांच एसडीओपी अनूपपुर ने की ।जांच उपरांत मामला सही पाए जाने पर 14 सितम्बर को एसडीओपी के आदेश अनुसार कोतवाली पुलिस ने चार आरोपित जिनमें लाल सिंह पिता बबुआ सिंह गोंड, आर सिंह पिता मुथुरा सिंह गोड़ निवासी ग्राम पगना, आलोक खलको पिता इसाफ खलको, अनंत खलको पिता इसाफ खलको दोनों निवासी भोपाल के खिलाफ मामला पंजीबद्घ किया गया। कोतवाली पुलिस ने 15 सितंबर को आरोपित आर सिंह एवं लाल सिंह को गिरफ्तार करते हुए उनसे पूछताछ की तो पूरन सिंह के गुमशुदगी का राज खुला।

पड़ताल में पूरन की हत्या का हुआ खुलासा

कोतवाली में की शिकायत में अशोक सिंह ने बताया था कि उसके पिता की गुमशुदगी वर्ष 1 जून 2002 को मां रामबतिया बाई ने की थी । तब वह छोटा था तथा वर्ष 2018 में उसे उसकी जमीन की बिक्री हो जाने का पता चला कि लाल सिंह ने उसके पिता पूरन सिंह बना और उसकी जमीन को गवाह आर सिंह एवं अलोक खलको की उपस्थिति में षड्यंत्र पूर्वक धोखाधड़ी कर उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। जांच में आदिवासी की भूमि को फर्जी पत्र निष्पादन करा भूमि को क्रेता के नाम क्रय कर राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर दिया गया, जबकि भू स्वामी पूरन सिंह वर्ष 2002 से लापता था। मामले की विवेचना में कोतवाली निरीक्षक प्रफुल्ल राय एवं उप निरीक्षक अभयराज सिंह ने की जो गिरफ्तार दोनो आरोपितों से गुमशुदा पूरन सिंह के संबंध में सख्ती के साथ पूछतांछ की तो आरोपितों ने बताया मई 2002 को खलिहान में पूरन सिंह की हत्या कर उसके शव को सोन नदी में बहा दिए। आरोपित आर सिंह ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि पूरन सिंह ने मेरी मां रामवतीया बाई जो पूरन की सगी साली को रख लिया था, इसके साथ ही उसकी नजर मेरे घर पर भी थी, इसलिए आर सिंह ने समरथ और उसके पिता तीनों लोगों ने मिलकर खलिहान में पूरन सिंह को रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दिया था इस पूरे मामले में पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है और घटना स्थल व शव फेंके जाने वाली जगह की आरोपित से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस पूरे मामले में फर्जी तरीके से जमीन बेचने वाले दलालों को भी इस जांच के दायरे में ला रही है।