13 नवंबर की शाम डूबते सूर्य और 14 नवंबर को उदय हो रहे सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं छठी माता की करेंगी पूजा

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

कार्तिक शुक्ल पक्ष सूर्य षष्ठी व्रत मंगलवार 13 नवंबर को छठ पूजा रवि योग में होगी। पुत्रों की लंबी आयु के लिए व्रत करने का पावन पर्व छठ पूजा रविवार से शुरू हो जाएगा। 13 नवंबर को संध्या के समय डूबते सूर्य को और 14 नवंबर को उदय हो रहे सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं छठी माता और सूर्य देव का पूजन करेंगी। मां चामुंडा दरबार धार्मिक एवं परमार्थ ट्रस्ट के पुजारी पंडित रामजीवन दुबे और ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि छठ पूजा का महत्व उत्तर भारत में काफी माना जाता है। उदय होते सूर्य का पूजन-अर्चन करने के बाद ही दो दिनों के निर्जला व्रत का पारायण होता है।

-छठ पूजा-कब क्या होगा

11 नवंबरः नहाय खाय के साथ ही लौकी की सब्जी बनती है और चावल बनाए जाते हैं। इसी दिन से पर्व शुरू हो जाता है।

12 नवंबर : खरना के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं खीर और रोटी खाकर पूजन शुरू करेंगी। इसी रात्रि से व्रत शुरू हो जाता है।

13 नवंबर : छठ मैया के पूजन के साथ ही शाम के समय महिलाएं घाटों पर जाएंगी और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी।

14 नवंबरः उदय होते सूर्य को घाटों पर अर्घ्य दिया जाएगा और फिर महिलाएं 24 घंटे के निर्जला व्रत का पारायण करेंगी।