उज्जैन। कक्षा 8वीं का गणित का पर्चा आउट होने पर राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को परीक्षा निरस्त कर दी। ताजा आदेश के अनुसार गणित का पेपर अब 15 मार्च की बजाय 23 मार्च को पूर्व निर्धारित समय पर होगा। करीब साढ़े 9 लाख विद्यार्थियों के लिए नए प्रश्न पत्र प्रिंट कराने पर शासन के 5 से 6 लाख स्र्पए फिर खर्च होंगे।

मालूम हो कि दो दिन पहले एक गुमनाम शख्स ने मीडिया तक आठवीं के गणित के पर्चे की कॉपी पहुंचाई थी। पर्चे के साथ एक शिकायती पत्र था, जिसमें पेपर आउट किए जाने का आरोप उज्जैन शहर के बीआरसी रितेश टंडन पर लगाया था। लीक हुए पर्चे, शिकायती पत्र और अखबार में छपी खबर को आधार बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी संजय गोयल ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और भोपाल मुख्यालय स्तर पर अफसरों से बात की।

प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आदेश जारी

प्रथम दृष्टया जांच में पेपर लीक होने की बात सही पाई गई। बुधवार को केंद्र संचालक लोकेश कुमार जाटव ने गणित का पेपर निरस्त कर नए पर्चे के साथ परीक्षा 15 की बजाय 23 मार्च को कराने का आदेश प्रदेश के सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया। एक अन्य आदेश में प्रश्न पत्र आउट होने के संबंध में सूक्ष्म जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जिस पर आरोप उसे ही भेजा थाने में केस दर्ज कराने

बता दें कि पेपर पेपर लीक होने के मामले में बीआरसी रितेश टंडन पर आरोप लगे थे। हालांकि टंडन ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश करार दिया था। टंडन का कहना था कि किसी ने व्यक्तिगत द्वेष स्वरूप ऐसा किया। खास बात यह रही कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बीआरसी टंडन को ही थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर कराने भेज दिया।

एक प्रश्न पत्र की कीमत 70 से 80 पैसे

अफसरों के मुताबिक एक प्रश्न पत्र का छपाई खर्च 60 से 70 पैसे हैं। पूरे प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में आठवीं के 9 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनके लिए दोबारा प्रश्न पत्र छापने पर 5 से 6 लाख स्र्पए खर्च होंगे। मालूम हो कि सात विषय के सात प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए शासन ने छपाई खर्च अधिकतम 5 स्र्पए निर्धारित कर रखा है। प्रश्न पत्र की छपाई जिला स्तर पर निविदा निकाल कर कराई गई। जिस संस्थान ने निविदा में कम रेट कोट किया था, उसे ही काम सौंपा गया।