जुन्नारदेव। शहर से लगी ग्राम पंचायत दातलावाड़ी में मंगलवार को एक मूक बधिर युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को शव का पीएम करने के लिए महिला चिकित्सक देरी से पहुंची तो ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। युवती यह कदम तब उठाया, जब उसके माता-पिता महाशिवरात्रि मेला चौरागढ़ गए हुए थे। घर में उसकी दादी और दो छोटी बहनें थीं, जो घर से बाहर घरेलू काम कर रही थीं। युवती ने आत्महत्या क्यों की उसका कारण पता चल नहीं पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे ग्राम दातलावाड़ी में मस्जिद के समीप रहने वाली 21 वर्षीय मूक बधिर युवती रंजीता पंडोले द्वारा अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई। इस दौरान युवती के घर पर उसकी दादी व दो छोटी बहनें घर बाहर कार्य कर रही थी। दादी और दोनों छोटी बहनों ने घर के कमरे में देखा तो रंजीता फांसी पर लटकी मिली। युवती के माता-पिता महाशिवरात्रि मेला चौरागढ़ गए हुए थे, उन्हें पड़ोसियों ने फोन से सूचना दी।

इधर जुन्नारदेव थाना प्रभारी केके अवस्थी ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे युवती ने यह कदम उठाया है, उसका खुलासा नहीं हो पाया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।

24 घंटे में हुआ पीएम, लोगों ने जताई नाराजगी

पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक के न होने पर परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की महिला चिकित्सक को सूचना दी गई। सूचना देने के कई घंटे बीत जाने के बाद भी चिकित्सक पीएम करने के लिए जुन्नारदेव स्वास्थ्य केन्द्र नहीं आई तो दातला गांव के ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र जुन्नारदेव पहुंचे। जहां पर उन्होंने महिला चिकित्सक के विलंब से आने पर भारी नाराजगी व्यक्त की हालांकि इस मामले में ग्रामीण युवकों ने बताया कि महिला चिकित्सक से देरी से आने की बात पूछे जाने पर उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र द्वारा समय पर सूचना नहीं दिए जाने की बात ग्रामीणों को बताई। हालांकि महिला चिकित्सक रेणु सिंह ने दोपहर 3.30 बजे के बाद शव का पीएम कर परिजनो को सौंपा ।