इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर में विश्व का सबसे लंबा तिरंगा लहराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। शहर के महूनाका से चाणक्यपुरी चौराहे के बीच 12 किमी लंबा तिरंगा फहराया। इस तिरंगे को सड़क के दोनों तरफ 6 किमी लंबाई में सैकड़ों युवाओं ने थामा। इस कार्यक्रम में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित अन्य सभी धर्मों के लोगों ने हिस्सा लिया। साथ ही लगभग 40 से ज्यादा समाजों के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में कदमताल किया। साथ ही सुरक्षा बलों ने मार्चपास्ट किया भी किया। इस आयोजन में लगभग 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।

लोक संस्कृति मंच, लोकोपकार सेवा वाटिका वेलफेयर सोसायटी व देवी अहिल्या विवि के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 12 किमी लंबा तिरंगा लहराने के बाद वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्‌स की ओर से अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने 'मेरा तिरंगा मेरा अभियान' के संचालक व आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी, डॉ. एनके धाकड़ व अदिति सिंघल को वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भेंट किया। इस दौरान शहर के सुरक्षा बलों, अखाड़ों, योग गुरुओं व बाइक चालकों ने भी करतब दिखाए। कार्यक्रम में चार झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। साथ ही सिख, बंगाली, केरलीय, कश्मीरी, नेपाली, बोहरा, मुस्लिम, गोस्वामी, गुजराती, सिंधी, राजस्थानी, मराठी, राजपूत सहित लगभग 40 समाजों के महिला-पुरुष अपने परंपरागत वेशभूषा में सड़कों पर उतरे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी पूरे मार्ग पर लगातार 3 घंटे तक चलीं।

पहले मथुरा और गोरखपुर में बन चुका रिकॉर्ड

लोक संस्कृति मंच व आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी ने बताया कि इससे पहले मथुरा में 10 किमी और गोरखपुर में 11 किमी लंबा तिरंगा फहराकर विश्व कीर्तिमान बनाया जा चुका है। रविवार को इंदौर में 12 किमी लंबे तिरंगे को लहराने का कीर्तिमान बनाने के लिए आयोजन किया गया है।

गाड़ी में सवार हुए शहीदों के परिजन

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हुए इस गौरवशाली आयोजन में अमर शहीद भगतसिंह, तेजविंदर सिंह संधू, अभय संधू, सुखदेव सिंह, अनुजसिंह थापर, डॉ. गयाप्रसाद कटियार के परिजन इस उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने एक खुले वाहन में सवार होकर शहर के राष्ट्र भक्त नागरिकों का अभिवादन किया। इन सभी को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया।

सुरक्षा बलों ने सिखाया अनुशासन

कार्यक्रम में बीएसएफ, पुलिस, सत्यसाईं विद्या विहार और गुजराती स्कूल के बैंड दल और देवी अहिल्या विवि के एनएसएस, एनसीसी, सेंट्रल एक्साइज, पहली व पंद्रहवी बटालियन, वन विभाग, स्काउट, एपीटीसी, पीटीसी सहित विभिन्ना सुरक्षा बलों के प्रशिक्षित जवानों ने भी मार्चपास्ट के माध्यम से अपने अनुशासन का परिचय दिया।

तीन घंटे चलीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

मार्ग में तीन स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए अलग से मंच भी बनाए गए। महूनाका चौराहे पर कलाकार रागिनी मक्कड़ व नादयोग समूह, वरदा कला केंद्र की श्रुति शर्मा, योगिता चंदनानी, शुभम, ईशा पाठक, अनास कुरेशी, मनोज चौधरी जैसे कलाकारों ने अपने नृत्य, गीत और अन्य प्रस्तुतियां दीं। वहीं दशहरा मैदान के पास बने मंच से कमल पाहूजा के संयोजन में मशवरा समूह, साउंड ऑफ म्यूजिक व चाणक्यपुरी चौराहे पर बने मंच से छंदक कला समूह की डालिया दत्ता, भारतीय नृत्य कला संस्थान की ज्योत्सना सोहनी, पंचम निषाद की शोभा चौधरी व मंजूषा जोशी ने देश की कला व संस्कृति को अभिव्यक्त किया।

बीएसएफ ने लगाई हथियारों की प्रदर्शनी

दशहरा मैदान पर बीएसएफ के हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बंदूकों के साथ कई प्रकार के अलग-अलग हथियार लोगों को देखने के लिए रखे गए। इसके साथ ही शहर के लगभग 300 से अधिक कॉलेजों और 30 से अधिक स्कूलों के 3 हजार 500 छात्र-छात्राएं, विभिन्ना अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा, बाइकर्स, योगाचार्य, खिलाड़ी और कलाकार भी इस उत्सव में शामिल हुए। कुल मिलाकर शहर के इतिहास में आज एक गौरवशाली पृष्ठ और जुड़ गया। 12 किमी के इस तिरंगे के छोटे आकार के सात हजार झंडे बनाकर सरकारी स्कूलों में वितरित किए जाएंगे।