जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल के ट्रेन ड्राइवर हैरिसन जॉन (51) ने रविवार की शाम तकरीबन 6:30 बजे महाकौशल एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। जबलपुर स्टेशन के वाशिंग पिट नंबर-2 पर हुई घटना के बाद हड़कंप मच गया। रेलकर्मी भागते हुए मौके पर पहुंचे तो देखा वरिष्ठ लोको पायलट का सिर, धड़ से कटकर पटरी के दूसरी ओर पड़ा था।

यह देख रेल कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने रेल अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारी जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम को घटनास्थल पर बुलाने पर अड़ गए।

इस दौरान उन्होंने दयोदय एक्सप्रेस के रैक को वाशिंग पिट से प्लेटफार्म पर ले जाने से भी रोक दिया। हंगामा बढ़ता देख मौके पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान पहुंच गए। वहीं, डीआरएम भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सीनियर डीईई पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि मेल ड्राइवर हैरिसन के सुसाइड करने की वजह रेल अधिकारी की प्रताड़ना है। जबलपुर मंडल के विद्युत विभाग के सीनियर डीईई सुरेन्द्र यादव ने ड्राइवर हैरिसन को कटनी में चादर जलाने के मामले में सजा दी और उसे मेल ड्राइवर से शंटर बनाकर जबलपुर में तैनात कर दिया। इतना ही नहीं उसका वेतन 70 हजार बेसिक से 28 हजार कर दिया। जिससे वह और उसका परिवार कई दिनों से आर्थिक संकट से जूझ रहा था। उसने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के सामने झूठे आरोप लगाकर सजा देने की बात भी रखी, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।

कटनी में चादर जलाने के बाद दी सजा

सूत्रों के मुताबिक हैरिसन वरिष्ठ मेल ड्राइवर के तौर पर कटनी में तैनात था। जहां उस पर रनिंग रूम में नशे में चादर जलाने का आरोप लगा था। यह आरोप चीफ क्रू कंट्रोलर आरके अग्रवाल के बयान के बाद लगे थे। इस पर सीनियर डिवीजन विद्युत इंजीनियर सुरेन्द्र यादव ने सख्ती करने हुए उसका डिमोशन कर मेल ड्राइवर से शंटर बना दिया। सूत्र बताते हैं कि क्रू कंट्रोलर ने उस पर तकरीबन साढ़े 3 सौ चादर जलाने का आरोप लगाया था, जबकि इनमें से कई पहले ही चोरी हो चुकी थीं। ड्राइवर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था, लेकिन रेल अधिकारियों ने उसकी एक नहीं सुनी।

अधिकारी ने नहीं उठाया फोन

घटना के बाद अधिकारी पर आरोप लगते ही रेलवे से लेकर यूनियन के पदाधिकारियों ने सीनियर डीईई से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद डीआरएम और एडीआरएम ने उनसे फोन पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली। सूत्रों का कहना है कि इन दिनों लॉबी में ड्राइवर को सजा देने के मामले बढ़ गए हैं। जबलपुर में हाल ही में तकरीबन 10 से 12 लोगों को सजा दी गई है, जिसके बाद लॉबी ड्राइवरों में रोष है।

जनवरी में घटना, मई में सजा

कटनी की घटना जनवरी में हुई, जिसके बाद जांच कमेटी बैठी। मई में रिपोर्ट सामने आई, जिस पर सीनियर डीईई सुरेन्द्र यादव ने 28 मई को सजा के तौर पर मेल ड्राइवर से शंटर बना दिया। इस जांच पर कई सवाल भी उठे। कर्मचारियों का कहना था कि जब रनिंग रूम में सैकड़ों चादर जले तो उस वक्त वहां गैस सिलेंडर भी रखे थे, उन तक आग क्यों नहीं पहुंची।

लाल झंडे का प्रदर्शन, नहीं उठने दी बॉडी

लाल झंडे के पदाधिकारी और सदस्यों ने कोचिंग कॉम्प्लेक्स पर जमकर हंगामा किया। डीआरएम और एडीआरएम के समझाने पर भी वे नहीं माने। उन्होंने ड्राइवर हैरिसन की लाश उठाने से मना कर दिया। वहीं प्रदर्शन के दौरान कई ट्रेनों को रोकने की चेतावनी भी दी गई। हालात बिगड़ते देख आरपीएफ के सैकड़ों जवान मौके पर पहुंच गए।

4 घंटे तक प्रदर्शन, डीआरएम के आश्वासन पर उठा शव

ट्रेन ड्राइवर हैरिसन जॉन की मौत से आक्रोशित रेल कर्मचारियों का प्रदर्शन 4 घंटे तक जारी रहा। रात 10:15 बजे डीआरएम मनोज सिंह ने सीनियर डीईई सुरेन्द्र यादव को फोर्स लीव पर भेजने का आदेश देते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तो कर्मचारी शांत हुए। इसके बाद शव घटनास्थल से हटाया जा सका।

विरोध में ड्राइवरों ने रोकी ट्रेनें, 6 का परिचालन प्रभावित

वरिष्ठ लोको पायलट के खुदकुशी की जानकारी होते ही मंडल के ट्रेन ड्राइवरों ने ट्रेनें रोक दीं। इस कारण जो ट्रेन जहां थी, वहीं पर खड़ी हो गई। ड्राइवरों के प्रदर्शन के कारण 6 ट्रेनें 30 से 45 मिनट तक लेट हुईं। वहीं कुछ ट्रेनें वॉशिंग पिट तक नहीं जा सकीं।

इनका कहना है

घटना की जानकारी लगते ही डीआरएम, सीनियर डीआरएम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों और मृतक के परिजन से बात कर जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

-प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, पमरे