सुल्तानिया के ग्रामीणों ने स्वयं की जमीन में रोपे पौधे,सुरक्षा का संकल्प भी लिया

राजगढ़। शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर तो पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन पौधरोपण के कुछ ही समय बाद वह पौधे सूखते हुए भी देखे गए हैं। लेकिन जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां खुद अपने स्तर पर न केवल पौधरोपण करने का मन बनाया, बल्कि उसके लिए संकल्प लेने के बाद रविवार को एक साथ गांव में विभिन्ना स्थानों पर करीब 2100 पौधों का रोपण भी कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक सारंगपुर तहसील के गांव सुल्तानिया में रविवार को एक साथ एक-दो नहीं, बल्कि करीब 2100 पौधों का रोपण किया गया है। इसके लिए गत दिनों 5 जून को गांव में ही रात के समय बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में तय किया था कि गांव प्रत्येक परिवार के सदस्य कम से कम दो व अधिकतम जितने चाहे उतने पौधे लगा सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि व्यक्ति पौधे ऐसे स्थानों पर ही लगाएं, जिनकी वह हर समय देखरेख करने के साथ ही उन्हें बड़ा भी कर सके। इसी संकल्प के साथ रविवार को गांव में एक साथ पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर अपर सत्र न्यायाधीश दिव्यांग्ना जोशी पांडे, विशेष अतिथि रवि पांडेय डिप्टी रजिस्टार राष्ट्रीय विधि विश्व विद्यालय भोपाल,न्यायधीश गोपेश गर्ग, सुश्री प्रीति जैन, शोभना मीणा, अभिभाषक संघ अध्यक्ष अनिल दीक्षित सारंगपुर, संदीप गुप्ता लायंस क्लब अध्यक्ष इंदौर, विनोद टाले सचिव इंदौर, लायंस क्लब सारंगपुर अध्यक्ष बीके शर्मा, पचोर लायंस क्लब के मोहन नागर, वरिष्ठ एडवोकेट ओपी विजयवर्गीय, राकेश पांडेय, पर्यावरण दल के कार्यकर्ता सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान उपस्थित हुए। संचालन हाईकोर्ट अधिवक्ता नवजागृति संयोजक मनीष विजयवर्गीय ने किया। आभार सरपंच देवीसिंह नागर ने माना।

खुद के खेत-खलिहानों में रोपे पौधे

जानकारी के मुताबिक 500 घरों की आबादी वाले गांव में संकल्प के मुताबिक किसानों ने अपने-अपने घरों, खेत व खलिहानों में रोपे हैं। कम से कम 4 पौधों का रोपण प्रत्येक परिवार की ओर से किया गया है। ग्रामीणों ने अपनी-अपनी सुविधा के तहत ही पौधों का रोपण किया है, ताकि वह न केवल उनकी हर समय सुरक्षा कर सके, बल्कि जरूरत लगने पर उन्हें पानी दे सकें व पशुओं से रक्षा कर सकें। उन्हें बड़ा करने की जिम्मेदारी भी खुद ने ही ली है।

तीन स्कूल के बच्चों ने रोपे पौधे

गांव में शासकीय एवं निजी मिलाकर कुल तीन स्कूल संचालित होते हैं। एक स्थान पर 500 बच्चे एकत्रित हुए और अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने खेत, खलिहान या घरों पर पहुंचकर उन्होंने भी एक-एक पौधे का रोपण किया। यह 500 बच्चे भी गांव के 2100 पौधों में ही शामिल हैं।

फोटो 1407 आरएजे 11 राजगढ़। कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

फोटो 1407 आरएजे 12 राजगढ़। पौधों का रोपण किया गया।