रतलाम। लोकायुक्त ने एक और रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथों धरदबोचा है। मामला उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के सागोद रोड स्थित रतलाम प्लांट का है। लोकायुक्त ने यहां के मैनेजर और सुपरवाइजर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। इन अधिकारियों ने डीजल का बिल पास कराने के लिए एवज में रिश्वत मांगी थी, लेकिन वे लोकायुक्त की टीम के हत्थे चढ़ गए।

जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त ने उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के रतलाम प्लांट के मैनेजर गणपत लाल वीरम और सुपरवाइजर सौरभ जैन को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इन्होंने संयंत्र में लगे लोडिंग वाहनों के डीजल के बिल पास करने के लिए ये रिश्वत मांगी थी। बता दें कि रमित पिता चंद्रशेखर जैन के 2 पिकअप वाहन संयंत्र में कॉन्ट्रेक्ट पर अटैच हैं। वे वितरक हैं और उसका काम संयंत्र से दूध लेकर शहर में स्थित केंद्रों पर वितरित करना है। पिछले 6 माह से उनके दोनों वाहनों का 1 लाख 38 हजार रुपए का बिल बकाया है। उक्त बिल पास करने के लिए जब उन्होंने मैनेजर गणपतलाल वीरम से संपर्क किया तो उन्होंने 10 हजार रुपए की मांग की।

इसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त टीम को की थी। लोकायुक्त टीम ने ट्रैप तैयार किया। इसके तहत चंद्रशेखर जैन गुरुवार दोपहर करीब 3.30 बजे टीम के साथ संयंत्र परिसर पहुंचे। जैसे ही चंद्रशेखर ने मैनेजर गणपत को रुपए दिए उन्होंने सुपरवाइजर सौरभ जैन को उक्त रुपये दे दिए और वो रुपए लेकर भागने लगा। तभी लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर सौरभ जैन और मैनेजर गणपत को गिरफ्तार कर लिया।

टीम के अधिकारी डीएसपी शैलेंद्रसिंह ठाकुर ने बताया कि दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया और अब उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।