भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताने के मामले में भाजपा की भोपाल से प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। आगर मालवा कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने कार्रवाई का अभिमत दिया है।

इस बारे में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग को लेना है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने आगर मालवा कलेक्टर से रिपोर्ट लेकर गुरुवार को चुनाव आयोग भेज दी थी। इसका विस्तृत ब्यौरा भी अलग से भेजा गया है।

ठाकुर को मतदान करने और चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करें: गोयल

प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव से मुलाकात करके भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मतदान और चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त करार देकर देश की जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया है। उनका बयान विभिन्न् वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा और वैमनस्य पैदा करने वाला है।

उन्होंने मुंबई में आंतकी हमले में शहीद पुलिस अफसर हेमंत करकरे को देशद्रोही और धर्मद्रोही कहा था। इसी तरह बाबरी मजिस्द का ढांचा गिरने के आपराधिक कृत्य को महिमा मंडित का बयान भी दिया था। जाहिर है कि ठाकुर का ऐसा आचरण उनकी सोची-समझी चाल है, जिसके जरिए वे निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करना चाहती है। उनका यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है और दंडनीय अपराध है।

गोयल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से संविधान के तहत मिले अधिकार का उपयोग करते हुए भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मतदान करने और चुनाव लड़ने के अधिकार से प्रतिबंधित किया जाए।