रीवा।तराई क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने डकैत गिरोह के सरगना बबली कोल, महेंद्र और लवलेश को पकड़ने में आखिरकार पुलिस नाकाम रही। इन तीनों पर अपहरण और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर लाखों रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। खबर है कि डकैतों को पकड़ने की मुहिम ठंडी पड़ गई है। जंगल में उतरी पुलिस टीम भी खाली हाथ लौट आई है। अलबत्ता पुलिस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही है।

कथित डकैतों ने रीवा जिले के डभौरा, पनवार, अतरैला और सेमरिया आदि थाना क्षेत्रों में अपहरण और डकैती की घटना को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती बने थे। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीम के साथ रीवा और सतना जिले के पुलिस कप्तान ने स्वयं बीहर में पड़ाव डाल रखा था। पुलिस की इस सक्रियता के चलते महेन्द्र पासी गिरोह के 30-30 हजार रुपए के इनामी सदस्य गिरफ्तार हुए थे।

पासी गिरोह ने अपहरण की सात वारदातों को दिया था अंजाम-

महेन्द्र पासी गिरोह द्वारा डभौरा, अतरैला थाना क्षेत्र में लगातार अपहरण की 7 वारदातों को अंजाम दिया था। जिसके बाद सक्रिय हुई पुलिस के चलते यह गिरोह अब शांत है। जबकि सेमरिया थाना क्षेत्र में इनामी बवली कोल गिरोह ने अपहरण और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के मामले में फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व बबली कोल की लोकेशन गुजरात के सूरत शहर में मिली थी। बावजूद इसके अब तक पुलिस के हाथ बबली कोल नहीं लगा है।

ये हैं गिरोह के सरगना-

अपहरण और डकैती जैसी घटनाओं में जिन गिरोह का नाम सामने आया है उनमें बवली कोल गिरोह प्रमुख है। उसका सरगना स्वयं बवली कोल निवासी डोंडा मानिकपुर उत्तर प्रदेश है। उसके खिलाफ यूपी और मप्र पुलिस ने लगभग 6 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है।

बावजूद इसके बवली कोल पुलिस पकड़ से बाहर है। इसी तरह महेन्द्र पासी उर्फ धोनी गिरोह ने एक-एक करके अपहरण की घटनाओं को अंजाम देन के बाद फिरौती की मांग करके पुलिस की नींद उड़ा दी थी। महेन्द्र पासी गढ़चपा कर्बी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसके खिलाफ एमपी-यूपी पुलिस में 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। एक लाख रुपए का इनामी लवलेश कोल भी पुलिस के लिए सिरदर्द रहा है।

जंगल में उतरे थे 200 जवान-

डकैत गिरोह और उनके सरगना को पकड़ने के लिए रीवा और सतना के पुलिस कप्तान के साथ-साथ एएसपी, एसडीओपी और थानों का पुलिस बल के साथ-साथ एसएएफ के जवानों को भी जंगल में न सिर्फ उतारा गया था बल्कि बाहर से एक्सपर्ट टीम ने भी जंगल में सर्चिंग की थी। बावजूद इसके डकैत गिरोह के सरगना अपने आप को बचाने में सफल हो गए। वे अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।

गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जो भी फरार हैं उन्हें पकड़ने के लिए बराबर पुलिस काम कर रही है। उसके लिए अलग से टीम भी बनाई गई है। जल्द ही सरगना को ही हम पकड़ने में सफल होंगे।

-उमेश जोगा, आईजी रीवा रेंज।