रीवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

मौसम का मिजाज रविवार को सुबह से बिगड़ गया और बारिश के साथ ही जिले में ओलावृष्टि होने से किसान सिहर गए हैं। मौसम के तेवर किसानों के लिए एक बड़ी अफत बन रहे हैं। विंध्य क्षेत्र और रीवा जिला का मौसम बिगड़ा हुआ है। सुबह लोगों की जब नींद खुली तो आकाश में घने काले बादलों से जिला ढका रहा और काले बादल होने के कारण दिन में भी मानो ढलती हुई शाम जैसा नजरा बना रहा। चमक गरज के साथ ही दिन भर रह कर बारिश होती रही। तापमान पर भी असर पड़ा है। बादल, बारिश और ओले गिरने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है तथा रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10.3 डिसे रिकार्ड किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी 24 घंटे तक जिले में बारिश के आसार हैं।

यहां हुई ओलावृष्टि

यू तो ओलावृष्टि जिले भर में हुई है। लेकिन सबसे ज्यादा असर जिले के मऊगंज क्षेत्र अंतर्गत देवतालाब विधानसभा के सगरा, प्रतपरा, पनिगंवा, डिघौल, सीतापुर, पहाड़ी, अटरा सहित गुढ़, सेमरिया, सिरमौर, त्यौथर आदि विधानसभा के कई गांवों में ओले गिरे हैं। किसानों ने बताया कि बारिश होने के साथ ही चने के आकार के ओले यानी की एक से डेढ़ ग्राम के ओले व्यापक पैमाने पर गिरने से किसान बर्बाद हो गया है। इससे खेतों में लगी फसल पर पत्थर की मार पड़ने के कारण पौधे कमजोर हो रहे हैं।

खेतों में गिरी फसल

मौसम के बिगड़े मिजाज और हवा चलने के कारण खेत में खड़ी गेहूं की फसल सहित अन्य फसलें खेतों में गिर रही हैं। किसानों ने बताया कि फसलों के पौधे गिर जाने से उसमें लगे हुए फल खराब होने के साथ ही सड़ जाएंगे तथा दाने छोटे और पतले होने से उत्पादन भी घटेगा।

फसल, सब्जी, आम और महुआ को नुकसान

जिस तरह से मौसम में बदलाव आया है, उसे लेकर किसान चिंतित है। ओले, बादल और बारिश होने से खेतों में तैयार फसलों को नुकसान होगा। दलहनी फसल मसूर, चना, सरसों आदि फसलों के लिए यह मौसम और बारिश ठीक नहीं, गेहूं की फसल को बारिश से लाभ हुआ है। इसी तरह आम और महुआ को मौसम की मार पढ़ी है। तेज हवा के चलने के कारण आम और महुआ के पेड़ में लगे हुए फूल ज्यादा संख्या में गिर गए हैं। वहीं सरसों, अलसी और चना के पौधे पर लगे फूल गिर जाने से इसके उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। यही वजह है कि किसान अब मौसम के इस मिजाज से चिंतित है। हर तरह से किसान को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है।

संचार और बिजली सेवाएं रहीं प्रभावित

चल रही तेज हवाओं और खराब मौसम पर संचार तथा बिजली सेवाओं पर असर पड़ता रहा। रह-रह कर उक्त सेवाएं प्रभावित होती रहीं। जिससे कार्यालयों के कामकाज पर न सिर्फ प्रभाव पड़ा बल्कि घरेलू काम भी इससे प्रभावित रहे। सबसे ज्यादा इंटरनेट सेवा से ज़ुडे काम प्रभावित रहे। बिजली सेवा को बहाल करने के लिए विभाग की टीम और उनके अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ी।

मौसम से जन जीवन पर पड़ रहा असर

बेमौसम हो रही बारिश से जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा होली की तैयारी में जुटे छोटे-छोटे बच्चे इस मौसम से मायूस हो रहे हैं। बुराई की प्रतीक होलिका बच्चों द्वारा जगह-जगह तैयार की जा रही है। बारिश होने से तैयार होलिका में लगाई गई लकड़ी गीली हो रही है। वहीं लकड़ी एकत्रित करने में भी उन्हें समस्या आ रही है। रिमझिम भरी बारिश से सड़कें कीचड़ से लबालब हो गई हैं। सबसे ज्यादा समस्या सब्जी मंडी में आ रही है। कीचड़ से मंडी लबालब हो जाने से व्यापारियों के साथ ही खरीददारों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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रविवार को बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। इससे फसल चौपट हो गई है। अभी तक प्रकृति मार को लेकर प्रशासन स्तर से कोई पहल नहीं हुई है।

-एनके सिंह, किसान सगरा ग्राम पंचायत

मौसम का असर विंध्य क्षेत्र में भी है। जिसके चलते बारिश की स्थिति बनी है। यह मौसम अभी इसी तरह से बना रहेगा।

-मनीष कुमार, मौसम विशेषज्ञ

मौसम से फसलों को पूर्णतः नुकसान हो रहा है। ओले गिरने के कारण सरसों आदि के पौधे टूट रहे हैं। किसानों को फसल काट कर सुरक्षित स्थानों में रखना चाहिए।

-आरपी जोशी, वैज्ञानिक कृषि कॉलेज रीवा

बारिश, ओले से फसलों को होने वाले नुकसान की जानकारी ली जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद इस पर अगला कदम उठाया जाएगा।

-ओम प्रकाश श्रीवास्तव, कलेक्टर