सचित्र एसआरपी 4 ग्राम के कुओं में पानी की जगह अब गंदगी ही बची है।

भैंसवामाता। नवदुनिया न्यूज

दो महीने से ग्राम भैंसवामात में व्याप्त जल संकट के चलते ग्रामीण महिलाओं को रतजगा कर परिवार के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

भैंसवामाताजी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से पूर्व में जो हैंडपंप लगाए थे थे वह भी एक महीने पहले ही दम तोड़ चुके है। पिछले दो महीने से गांव भंवरपुरी के निजी कुंओं से ग्रामीण प्यास बुझा रहे है। प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण गर्मी के दो माह बीत जाने के बाद भी पानी का परिवहन की व्यवस्था नहीं की है। बच्चों की भी गर्मी की छुट्टियां चल रही है लेकिन उन्हें भी खेलने कूदने की जगह पानी भरने के लिए दो किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है।

सक्षम परिवार तो प्राइवेट टैंकरों से पानी लेते है लेकिन गरीब परिवारों की महिलाओं को रतजगा करना ही पड़ता है क्योंकि पानी की एक टंकी के लिए उन्हें 20 रुपए देने पड़ते है। अगर पंचायत द्वारा समय रहते पानी परिवहन का कदम नहीं उठाया तो स्थिति बिगड़ सकती है।

पानी परिवहन की राशि नहीं मिली है

पिछले तीन वर्षों से पानी परिवहन की राशि नहीं मिली है। कर्ज लेकर पानी परिवहन कराया था । इस वर्ष जनपद स्तर पर परिवहन की मांग की गई है, परंतु अभी तक आदेश नहीं मिला है। अपने स्तर पर हम कल तक परिवहन शुरू करवा देंगे।

महेश नागर, सरपंच, भैंसवामाता

नलजल योजना बंद है

भैंसवामाता में एक बोर खनन कराया था लेकिन कम पानी होने के कारण समस्या की स्थिति बनी हुई है। जब तक कोई स्थाई सोर्स नहीं मिलता नलजल योजना शुरू करना संभव नहीं है। घनश्याम अग्रवाल इंजीनियर, पीएचई, राजगढ़