-गुड न्यूज

अबरार खान। भोपाल

नवदुनिया रिपोर्टर

बड़ी झील के किनारे से एक खुशखबरी है। प्रवासी कहलाने वाले पक्षी सारस के्रन के परिवार में दो नए सदस्यों ने आमद दी है। अब वे अपने माता-पिता के साथ झील के पानी में न केवल तैरने लगे, बल्कि अठखेलियां भी करने लगे हैं। लिहाजा, दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षी सारस क्रेन का परिवार बढ़ना पर्यावरण प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। संकटग्रस्त प्रजाति का यह पक्षी जोड़ा बड़ी झील में पिछले 15 सालों से अक्टूबर के हर सीजन में यहीं रह रहा है। यूं तो यहां सैकड़ों की संख्या में भारतीय सारस पक्षी भोजन और मिलाप के लिए जोड़े बनाने पहुंचते हैं, किंतु वह कुछ दिनों में यहां से विदा हो जाते हैं। यह एकमात्र जोड़ा यहीं विचरण करता है। यही वजह है कि झील के आसपास के गांव बिसनखेड़ी, बीलखेड़ी के किसानों का भी यह प्रिय पक्षी बन गया है। किसानों ने इनके संरक्षण का जिम्मा उठा रखा है। यही वजह कि ये यहां परिवार ब़ढ़ाने में सफल हुए हैं।

पर्यवरण विशेषज्ञ अनिल गुलाटी बताते है कि यह पक्षी एक साल में दो ही अंडे देता है। बड़ी खुशी की बात है कि इसके दोनों बच्चे निकल आए और तेजी से बड़े हो रहे हैं। सारस क्रेन के इस फलते- फूलते परिवार ने एक बार फिर इस बात को मजबूती दी है कि बड़े तालाब के कैचमेंट इलाके में सभी पक्षियों के लिए उपर्युक्त वातावरण है। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के प्रो. विपिन व्यास अपने स्टूडेंटस को बड़ी झील के फाना और फ्लोरा से रूबरू कराने लाते रहते हैं। जब उन्हें यह खबर मिली कि यहां रह रहे सारस क्रेन के परिवार में दो नन्हें मेहमान आए हैं। वे तुरंत ही अपने स्टूडेंटस को लेकर वहां पहुंचे और सारस क्रेन को बच्चों के साथ देखा और उसकी कई विशेषताएं बताई।