सागर (अतुल तिवारी)। नौरादेही अभयारण्य में इस बार वन्य प्राणियों की गणना उनके पगमार्क की जगह ट्रैप कैमरा के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। पहली बार ट्रैप कैमरों की मदद से हो रही गणना के लिए वन विभाग ने अभयारण्य में 15 दिन का ट्रायल भी करवा लिया है। इस ट्रायल में ही भालू, चीतल से लेकर अन्य वन्य प्राणियों के रात के समय घूमने के चित्र मिले हैं।

प्रदेश भर में तीन चरणों में वन्य प्राणियों की गणना का काम चल रहा है। नौरादेही अभयारण्य में यह गणना तीसरे चरण के तहत 9 मार्च से शुरू होगी, जो छह दिन तक चलेगी। तीन दिन शाकाहारी और तीन दिन मांसाहारी जानवरों की गणना की जाएगी। नौरादेही में वन्य जीवों की गणना के लिए ट्रैप कैमरा पन्ना टाइगर रिजर्व से आएंगे। वन विभाग अभयारण्य में ट्रैप कैमरा लगाने के लिये जगह भी चिन्हित कर चुका है।

कैमरे से ऐसे होती है गणना

वन्य प्राणियों की गणना के लिए अभयारण्य में ऐसे जगह चिहिंत किए जाते है, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही रात के समय सबसे ज्यादा होती है। फिर इन स्थानों पर चार-चार फीट की ऊंचाई पर पेड़ों के अंदर ट्रिप कैमरा फिट कर दिये जाते हैं। रात के समय जैसे ही कोई भी वन्य प्राणी कैमरे के सामने आता है तो फ्लैश ऑटोमैटिक ही चमक जाता है और वन्य प्राणी की तस्वीर कैप्चर हो जाती है। अगले दिन वन विभाग के अधिकारी मेमोरी कार्ड से इन तस्वीरों को लेकर आसानी से गणना कर लेते हैं। नौरादेही अभ्यारण्य बड़ा होने की वजह से ऐसे कई स्थान हैं, जहां रात के समय जंगली जानवरों की आवाजाही अधिक होती है। अभ्यारण्य में सैंकड़ों चिहिंत स्थानों पर ट्रिप कैमरा के माध्यम से गणना की जाएगी।

2014 में पगमार्क से हुई थी गणना

नौरादेही वन अभ्यारण्य में इसके पहले 2014 में वन्य प्राणियों की गणना की गई थी, तब मैदानी इलाकों में मिट्टी का समतलीकरण कर अगले दिन सुबह उस पर पड़े पगमार्क के हिसाब से वन्य प्राणियों की गणना की जाती थी। इस प्रक्रिया में ज्यादा समय ज्यादा लगता था और गणना भी ठीक तरह से नहीं हो पाती थी। इस वजह से इस बार ट्रिप कैमरा से वन्य प्राणियों की गणना की जा रही है। ट्रिप कैमरे कम होने की वजह से गणना तीन चरणों में की जा रही है। पहले चरण में टाइगर रिजर्व में गणना का काम चल रहा है। इसके बाद अंतिम चरण में नौरादेही अभ्यारण्य में गणना की जाएगी। प्रदेश भर में यह प्रक्रिया 26 मार्च तक चलेगी।

एक साथ अधिक कैमरे नहीं हो सकते उपलब्ध

ट्रिप कैमरा की कीमत अधिक होने की वजह से सभी जगहों पर एक साथ ट्रिप कैमरा मुहैया नहीं कराये जा सकते। इस वजह से वन्य प्राणियों की गणना काम तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में पन्ना टाइगर रिजर्व में गणना की जा रही है। नौरादेही में अंतिम चरण में 9 मार्च से गणना का काम शुरू होगा। ट्रिप कैमरे से गणना के लिये तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है - रमेशचन्द्र विश्वकर्मा, डीएफओ, नौरादेही