सागर। करीब साढ़े 11 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पाने वाला सहकारी समिति प्रबंधक करोड़पति निकला। आय से अधिक संपति के मामले में आई शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने प्रबंधक के सागर स्थित घर और गांव के मकान पर दबिश दी। एक साथ दो ठिकानों पर करीब 12 घंटे चली सघन कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त को करोड़ों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज, दर्जनों बैंक पासबुक, सोने-चांदी के जेवर और बीमा पॉलिसी मिली हैं।

राहतगढ़ ब्लॉक की बेरखेड़ी सेवा सहकारी समिति में बतौर प्रबंधक कार्यरत अशोक दुबे के खिलाफ कुछ समय पहले लोकायुक्त पुलिस को शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच के बाद सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे लोकायुक्त की दो टीमों ने अशोक दुबे के मोतीनगर थाने के पास राजीव नगर वार्ड स्थित आवास और बसारी गांव स्थित आवास पर एकसाथ छापामार कार्रवाई शुरू की। लोकायुक्त की टीम के साथ पुलिस बल, चिकित्सकीय टीम और एंबूलेंस भी मौके पर पहुंची।

करोड़ों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, छापामार कार्रवाई के दौरान प्रारंभिक तौर पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां मिली हैं। इनकी आनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए हो सकती है। हालांकि राजस्व विभाग से इनका वैल्युएशन कराया जाएगा। इसके अलावा 15 बीमा पॉलिसी, करीब 30 लाख का एक मकान, बसारी और मुहास गांव में कृषि भूमि, करीब 20 लाख कीमत के सोने-चांदी के गहने मिले हैं।

करोड़ों की कृषि भूमि खरीदने की जानकारी

लोकायुक्त पुलिस को मिली शिकायत में यह बात निकलकर सामने आई थी कि अशोक दुबे ने कुछ समय पहले करोड़ों स्र्पए की जमीन खरीदी थी। शिकायतों की जांच कराए जाने के बाद सोमवार को छापामार कार्रवाई की गई।

संभलने का मौका नहीं दिया

लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक संतोष कुमार जामरा के नेतृत्व में लोकायुक्त टीम सुबह करीब साढ़े छह बजे दुबे के राजीव नगर स्थित मुख्य आवास पर पहुंची। इधर, डीएसपी के नेतृत्‍व में दूसरी टीम बसारी गांव स्थित निवास पर दबिश देने पहुंची। दोनों जगह स्थानीय थाना पुलिस भी टीम के साथ थी। सशस्त्र पुलिस बल के साथ मेडिकल टीमें व एंबुलेंस भी थीं। लोकायुक्त टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की जिससे अशोक दुबे व अन्य परिजन को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

कार्रवाई में यह मिला

-राजीव नगर और बसारी के मकान से 20 लाख कीमत के सोने-चांदी के जेवर।

-करीब 7 लाख स्र्पए कीमत का विलासिता का सामान।

-परिजन के नाम पर करीब 40 अलग-अलग बैंकों की पासबुक।

-अशोक दुबे और परिजन के नाम 15 बीमा पॉलिसियां।

-करीब 40 रजिस्ट्रियां सागर, बसारी व मुहास में जमीन की हैं।

-करीब 25-30 लाख कीमत का राजीव नगर का मकान।

अब आगे क्या

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, समिति प्रबंधक दुबे के घर से बरामद कागजात, रजिस्ट्रियों का राजस्व विभाग से वैल्युएशन कराया जाएगा। इसी प्रकार संबंधित बैंकों से खातों में कब-कब कितना पैसा कहां से आया? किसने डाला? बैंक लाकरों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। समिति प्रबंधक पर कार्रवाई अभी जारी रहेगी।


जांच जारी है, प्रॉपर्टी का वैल्युएशन होगा

राहतगढ़ के बेरखेडी की सहकारी समिति के प्रबंधक अशोक दुबे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने और कुछ समय पहले कृषि भूमि खरीदने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद दो टीमों ने अशोक दुबे के राजीव नगर वार्ड स्थित आवास और बसारी गांव के आवास पर कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति की रजिस्ट्रियां, 25-30 लाख स्र्पए का मकान, 30 से अधिक बैंक पासबुक, बीमा पॉलिसी, जेवर व विलासिता का सामान मिला है। इनका वैल्युएशन कराया जा रहा है।

-सुनील कुमार तिवारी, एसपी लोकायुक्त, सागर