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    पैन कार्ड के रिकार्ड से मैच नहीं हो रहा व्यापारियों का हिसाब

    Published: Thu, 15 Mar 2018 04:05 AM (IST) | Updated: Thu, 15 Mar 2018 04:05 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बॉटम पेज-13

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    फ्लैग-- इनकम टैक्सः लगातार जारी हो रहे हैं नोटिस, सर्वे की कार्रवाई भी कर रहा आयकर विभाग

    हैडिंग-- पैन कार्ड के रिकार्ड से मैच नहीं हो रहा व्यापारियों का हिसाब

    सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

    जो भी लेन-देन, खरीदी बिक्री की जाती है, वह सब पैन कार्ड में दर्ज हो जाती है। इसके अलावा अन्य जानकारियां आधार कार्ड में रहती हैं। बैंक खातों पर भी आयकर विभाग की नजर रहती है। इसके बाद भी व्यापारी आयकर विभाग को अपना हिसाब ईमानदारी से नहीं दे रहे हैं। व्यापारियों के हिसाब-किताब का मिलान आयकर विभाग पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से कर रहा है। इसमें गड़बड़ी मिलने पर व्यापारियों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। कुछ पर आयकर विभाग सर्वे की कार्रवाई भी कर रहा है।

    वित्तीय वर्ष का आखिरी सप्ताह चल रहा है। आयकर विभाग पूरे जोर-शोर से काम कर रहा है। बड़े आसामी, व्यापारी और दुकानदारों के हिसाब-किताब की बारीकी से जांच की जा रही है। दरअसल, बैंक खाते से हुए लेन-देन को तो आयकर अधिकारी मिलाते ही रहे हैं, लेकिन अब और भी एडवांस तरीके से काम किया जा रहा है। हर लेन-देन, खरीदी-बिक्री पर पैन कार्ड मांगा जाता है। पैन कार्ड में यह लेन-देन दर्ज हो जाता है। अब व्यापारी, दुकानदार अपना हिसाब दे रहे हैं तो इसका मिलना पैन और आधार कार्ड से किया जा रहा है। इसमें ज्यादातर के हिसाब मैच नहीं कर रहे हैं। ऐसे दुकानदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं।

    गौरतलब है कि आयकर विभाग की टीम ने सोमवार को गढ़ाकोटा में कुंदनलाल बलेदव प्रसाद अग्रवाल फर्म से संचालित तीन दुकानों पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की थी। वहां से 45 लाख रुपए टैक्स चोरी के रूप में सरेंडर कराए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, फर्म मालिक के पैन कॉर्ड में फर्म से जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से अपडेट नहीं हुई थीं। दस्तावेज और स्टॉक मिलान में ज्यादा अंतर नहीं मिलने के बाद भी खातों में अंतर पाया गया, जिसे आयकर विभाग के अधिकारियों ने टैक्स का संचय बताते हुए बकाया टैक्स निकाला, जो फर्म मालिक को इसी वित्तवर्ष में जमा करना होगा। अधिकारियों के अनुसार, जिले में ऐसे ओर भी मामले है, जिन्हें नोटिस दिए गए हैं। यदि समय सीमा में टैक्स जमा नहीं किया गया तो सर्वे किया जाएगा। जिन फर्म के रिकॉर्ड में पैन नंबर व आधार नहीं दिख रहा, ऐसी फर्म पर भी सर्वे होगा। साथ ही रिटर्न मिलान के बाद टैक्स वसूली की जाएगी।

    रोज जारी हो रहे नोटिस

    संयुक्त आयकर आयुक्त आईबी खंडेल ने बताया कि विभाग से रोज नोटिस जारी हो रहे हैं। अब हर खाता आधार से लिंक है, साथ ही बिना पैन कार्ड के प्रॉपर्टी नहीं खरीदी जा सकती। आधार व पैन कार्ड के साथ खाते में जमा राशि, कुल प्रॉपर्टी की जानकारी दर्ज है। इतनी पारदर्शिता के बाद भी यदि कोई टैक्स चोरी करता है तो कार्रवाई स्वाभाविक है। दो दिन पहले हुई कार्रवाई में 45 हजार रुपए की टैक्स चोरी सामने आई है। पूर्व में व्यापारियों को रिटर्न जमा करने को लेकर विशेष शिविर लगाकर जागरूक भी किया गया था।

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