पेज 14 की लीड ..

- नई दरों और निश्चित गाइडलाइन के साथ रेलवे ने जारी किया टेंडर, कई बार हुई थी अवैध वसूली की शिकायतें

बीना। नवदुनिया न्यूज

रेलवे स्टेशन परिसर में विवाद का पर्याय बन चुका साइकिल स्टैंड का कॉन्ट्रेक्ट अब खत्म होगा। लगातार शिकायतों के बाद रेलवे ने नए अनुबंध के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस टेंडर में साइकिल, मोटर साइकिल किराए की दरें, गाइडलाइन सब कुछ फिक्स की गई है। यह सब कुछ साइकिल स्टैंड संचालक द्वारा की जा रही अभद्रता व जबरिया वसूली के आदेश के बाद हुआ है।

रेलवे द्वारा बीना रेलवे स्टेशन पर साइकिल स्कूटर स्टैंड का लाइसेंस आवंटित करने के लिए नए आदेश जारी किए हैं। मंडल रेल प्रबंधक वाणिज्य द्वारा जारी आदेशानुसार स्टेशन परिसर के कुल 600 वर्गमीटर क्षेत्र में तीन माह की अवधि के लिए साइकिल, स्कूटर स्टैंड आवंटित करना है। निश्चित एरिया में फेंसिंग रेलवे द्वारा कराई जाएगी। साइकिल, स्कूटर स्टैंड के लिए आरक्षित मूल्य एक माह का 77 हजार 865 रुपए रखा गया है। तिमाही किश्त के रूप में 2 लाख 33 हजार 595 रुपए की डिमांड रेलवे की ओर से रहेगी। यह राशि निश्चित समयावधि में कॉन्ट्रेक्टर को मुख्य टिकट सुपरवाइजर के पास जमा करानी होगी। तय समयावधि में सुचारू संचालन पर अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।

किराया भी किया है तय

रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में जो रेलवे कॉन्ट्रेक्टर है, उसके द्वारा मनमर्जी अनुसार किराया वसूला जा रहा है। रेलवे द्वारा निश्चित समयावधि के लिए किराया राशि पूर्व से ही तय कर दी गई है। जानकारी अनुसार 6 घंटे तक साइकिल के लिए 2 रुपए तथा स्कूटर या मोटरसाइकिल के लिए किराया 5 रुपए निश्चित किया गया है। 6 घंटे से अधिक 12 घंटे तक के लिए यह राशि मोटरसाइकिल या स्कूटर के लिए मात्र 6 रुपए रहेगी। वहीं साइकिल के लिए 2 रुपए का ही भुगतान करना होगा। 24 घंटे के लिए साइकिल का किराया 3 रुपए तथा मोटरसाइकिल या स्कूटर का किराया 10 रुपए मात्र रहेगा। यदि कोई यात्री अपनी जरूरत अनुसार मासिक पास बनवाना चाहे तो मोटरसाइकिल या स्कूटर के लिए मात्र 120 रुपए में यह पास बनवा सकता है। रेलवे स्टाफ के लिए यह राशि आधी रखी गई है।

तय किराए से ज्यादा होती है वसूली

रेलवे स्टेशन परिसर में साइकिल या मोटरसाइकिल स्टैंड के लिए टंकी के नीचे वाला स्थान नियत किया गया है। वहां पर फेंसिंग की व्यवस्था भी है, लेकिन बीना में कॉन्ट्रेक्टर द्वारा तय राशि से ज्यादा वसूली की जाती है। वर्तमान में स्टेशन पर जाने वाले यात्रियों से वाहन के 10 रुपए वसूले जाते हैं। यदि यात्री 6 घंटे से ज्यादा समय तक अपना वाहन स्टेशन पर छोड़ता है तो 20 या उससे अधिक रुपए भी लिए जाते हैं। जो यात्री नियमों का हवाला देते हैं उनके साथ कॉन्ट्रेक्टर के कर्मचारी बदसलूकी करते हैं। मजे की बात तो यह है कि रेलवे क्षेत्र में होने वाले इस अपराध में जीआरपी और रेलवे का वाणिज्य विभाग भी कॉन्ट्रेक्टर का साथ देता है।

कार, जीप से भी वसूली

रेलवे स्टेशन पर चार पहिया वाहनों के लिए स्टैंड निःशुल्क है। रेलवे ने अभी तक कभी भी चार पहिया वाहनों के लिए टेंडर जारी नहीं किया। बावजूद इसके कॉन्ट्रेक्टर चार पहिया वाहन स्टेशन परिसर तक ले जाने वालों से शुल्क वसूलते हैं। यह राशि 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक होती है। इसके विरुद्घ कई बार स्टेशन प्रबंधक, जीआरपी से शिकायतें भी की गईं, लेकिन रेलवे अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं।

वाहनों से ईंधन, सामान भी होता है चोरी

रेलवे स्टेशन पर वाहन पार्किंग का ठेका लेने वाले कॉन्ट्रेक्टर के कर्मचारी वाहनों से पेट्रोल, डीजल या अन्य सामान भी निकाल लेते हैं। इस मामले में शिकायतें भी होती हैं तो कॉन्ट्रेक्टर माफी मंगवा कर मामला रफा-दफा कर देते हैं। इसके पहले तो कर्मचारी गुंडागर्दी तक करते थे। यात्रियों के साथ मारपीट, गालीगलौच रेलवे स्टेशन पर आम हो चुकी थी। हालांकि इस बार शिकायत मिलने पर विधायक महेश राय ने एसडीएम डीपी द्विवेदी के साथ मिलकर इस मामले में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी, जिसके बाद टेंडर निरस्त कर पुनः टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

- नए टेंडर जारी हुए हैं

हां यह सही है, रेलवे ने साइकिल स्टैंड के लिए नए टेंडर जारी किए हैं।

सुशील पांडेय, डीसीआई, बीना

1403 एसजीआर 144 बीना। रेलवे स्टेशन स्थित साइकिल स्टैंड।