- एक्सिडेंटल पॉइंट पर भी यातायात सुरक्षा मानकों का अभाव

राहतगढ़। नवदुनिया न्यूज

नेशनल हाइवे 86 पर संकेतिक बार्ड, दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाने में बरती जा रही लापरवाही से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।सागर- विदिशा मार्ग पर राहतगढ़ से पांच किमी दूर एक्सिडेंटल पाइंट पर इसकी बानगी आराम से देखी जा सकती है। इस अंधे मोड़ संकेतक बोर्ड की जगह अंधे मोड़ की जानकारी देने के लिए प्लास्टिक की बोरियां रखी गई हैं। यह बोरियां दिन में तो लोगों को नजर आती हैं, लेकिन रात में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। राहतगढ़ वासियों का कहना है कि इस अंधे मोड़ पर यातायात के नियमों के मानकों का पालन न किए जाने से आए दिन ओवरलोड वाहन पलट जाते हैं। इससे जान-माल दोनों का नुकसान होता है। लोगों के मुताबिक हाइवे के एक्सिडेंटल पाइंट पर संकेतक नहीं होने से रात में वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। अगर पिछले दिनों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो एनएच 86 पर संकेतिक बार्ड न होने की वजह से करीब आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं। इन हादसों के बाद भी सावधानी नहीं बरती जा रही है।

यातायात सुरक्षा मानकों का अभाव

प्रावधान के अनुसार तिराहे पर 20 मीटर पहले संकेतक लगा होना चाहिए। संकेतक ऐसा हो जो चालकों को दूर से नजर आ जाए, लेकिन यहां इस प्रावधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लोगों ने बताया कि वाहनों के बढ़ते दबाव व भागती जिंदगी के इस दौर में यातायात सुरक्षा मानकों का अभाव लोगों की जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश करता है। एक्सिडेंटल पाइंट बने इस अंधे मोड़ पर संकेतक बोर्ड की जगह रखीं यह बोरियां हादसों को न्योता दे रही हैं।

1403 एसजीआर 143 राहतगढ़। सागर- विदिशा मार्ग पर अंधे मोड़ की जानकारी देने रखी बोरियां।