- शिकायत कर रजिस्ट्री शून्य करने की मांग

बीना। नवदुनिया न्यूज

जीवनयापन के लिए ग्राम देवल निवासी तुलैया आदिवासी को मिली पट्टे की जमीन को बिना अनुमति गांव के ही एक व्यक्ति ने खरीद लिया। उप पंजीयक कार्यालय में विधि विरुद्घ इस जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई। तुलैया की मौत के बाद जब नामांतरण कराने उसके वारिसान पटवारी के पास पहुंचे तो उन्हें इसकी जानकारी लगी। तुलैया आदिवासी के पुत्रों ने गांव के ही लोगों के साथ मिलकर इसकी शिकायत एसडीएम से की है।

ग्राम देवल निवासी शोभाराम पिता कमलसिंह लोधी ने बताया कि गांव में तुलैया आदिवासी को शासन द्वारा जीवन यापन के लिए भूमि का पट्टा दिया गया था। इस भूमि पर खेती बाड़ी कर तुलैया और उसका परिवार जीवनयापन कर रहा था। 2007 में तुलैया ने बिना अपने परिजनों को विश्वास में लिए तथा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के इस जमीन को गांव के ही कुसुम बाई पत्नि नारायण सिंह यादव को बेच दी। उप पंजीयक कार्यालय में विधि विरुद्घ इस जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई। तुलैया की मृत्यु के बाद जब उसके परिजन इस जमीन का नामांतरण कराने पटवारी के पास पहुंचे तो उन्हें जमीन विक्रय की जानकारी लगी। तब उन्होंने इसकी शिकायत की। शिकायत में बताया कि पटवारी हल्का नंबर 4, खसरा नंबर 120, 121 तथा 128 की कुल जमीन 2.24 हेक्टेयर का विक्रय कर दिया गया है। जिसका पंजीयन 20 जुलाई 2007 को उप पंजीयक कार्यालय में हुआ है। आदिवासी के नाम आवंटित जमीन का विक्रय बिना कलेक्टर की अनुमति के नहीं किया जा सकता। इसलिए पंजीयन निरस्त करते हुए क्रेता के विरुद्घ प्रकरण दर्ज किया जाए। इस मामले में एसडीएम डीपी द्विवेदी का कहना है कि मंगलवार को शिकायत हुई होगी, मैं सागर में था। आवक-जावक शाखा में दिखवाता हूं। जो उचित होगा, कार्रवाई की जाएगी।