स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर ट्रेस करेंगे कुपोषित बच्चे

बीना। नवदुनिया न्यूज

शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए गुरुवार से दस्तक अभियान शुरु हो गया। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर 0-5 साल तक बच्चों का चैकअप करेगा। कुपोषित बच्चों को ट्रेस कर एनआरसी भेजा जाएगा और जन्मजात विकृति वाले बच्चों के इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि 14 जून से 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक एनएनएम प्रति दिन कम से कम 20 घरों में जाकर 0-5 साल के बच्चों का चैपक करेंगी। बच्चों के माता-पिता का दस्त नियंत्र कार्यक्रम के बारे में बताकर ओआरएस का घोल बनाने की विधि बताई जाएगी। जांच कर कुपोषित बच्चों को ट्रेस कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजनी की व्यवस्था की जाएगी। निमोनिया ग्रस्त बच्चों का तुरंत इलाज किया जाएगा और गंभीर बच्चों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल या जिला चिकित्सालय रेफर किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 9 माह से 5 साल तक के बच्चों विटामिन ए और 6 माह से 5 साल के बच्चों आयरन सीरप पिलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत से महिलाओं को नवजात बच्चों को स्तन पान कराने का तरीका सिखाया जाएगा। इसके अलावा उम्र के अनुसार बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें सबसे अहम बिंदु यह है कि 6 माह में जिन शिशुओं की मृत्य हुई है उनके माता-पिता से शिशु के बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। इसके कारणों की जांच की जाएगी किन कारणों से शिशु की मृत्यु हुई। भविष्य में इन कारणों से शिशुओं की मृत्य न हो इसके लिए अहम कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।