मुनि निर्णयसागर महाराज ने दिए प्रवचन

बीना। नवदुनिया न्यूज

इटावा जैन मंदिर में मुनिश्री निर्णयसागर महाराज ने रविवार को आयोजित धर्मसभा में प्रभु के बताए मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि संसार पथ की पगडंडियां आंखों से दिखाई देती हैं और उस राह पर चलते लोग भी दिखाई देते हैं। लेकिन मोक्ष मार्ग पर चलने वालों को इन लौकिक आंखों से नहीं देखा जा सकता। जो स्वयं का दृष्टा है वही दर्श पा सकता है। मुनिश्री ने कहा कि इस पथ पर पगडंडी नहीं, चलने वाला भी नहीं दिखता है। बस प्रभु के वचनों पर अटूट विश्वास करके चलना होता है। मुनिश्री ने कहा कि कई बार तत्काल फल न मिलने से मार्ग पर चलने का साहस ही नहीं जुटा पाते। तो कई बार एकाकी पथ पर बेसहारा ही चलना होता है। ऐसे में परेशानियां देखकर कुछ लोग बीच में ही राह छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि धन्य हैं वे लोग जो साहस नहीं खोते। अदम्य विश्वास के साथ चलते ही जाते हैं। जानते हैं कि बाहर में मार्ग कम है, थोड़ी क्रियाएं हैं समिति आदि प्रवृत्तियां हैं। किंतु भीतर में मोक्षमार्ग अनंत गहराई लिए हुए होता है। तरह-तरह के विकल्पों का समाधान करते हुए, विकारों का शमन करते हुए, नित नवीन अनुभूतियों का अनुभव करते हुए अंत में मिलती है मंजिल। सभा के पूर्व आचार्यश्री के चित्र का अनावरण महिला परिषद की गीता चौधरी, अर्चना शाह, स्वाति जैन, संगीता कठरया, साधना ने किया।

1208 एसजीआर 153 बीना। धर्मसभा में प्रवचन देते मुनिश्री।