6 साल पहले विस्थापित हुए थे पीपला गांव के लोग, अचानक वापस पहुंचे अभयारण्य में बसने।

- 400 सैकड़ों लोगों की भीड़ में शिकारी होने का अनुमान, वन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रहा विभाग।

- रविवार को खुशयारी गांव में की गई कार्रवाई, विस्थापितों की संख्या 100 के करीब बची।

- टाइगर स्ट्राइक फोर्स, जिला व पुलिस प्रशासन, वन मंडल और आर्मी के रिटायर जवान संयुक्त रूप से कर रहे कार्रवाई।

अतुल तिवारी, सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

नौरादेही अभयारण्य में शुरू हुए टाइगर प्रोजेक्ट को अचानक विस्थापित ग्रामीणों से खतरा उत्पन्ना हो गया है। विस्थापितों की आड़ लेकर अभयारण्य में कुछ शिकारी तत्व भी प्रवेश कर गए हैं। जिन्होंने नौरादेही वन मंडल के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अभयारण्य में बाघों को एक बार फिर बसाने की कोशिश महत्वाकांक्षी टाइगर प्रोजेक्ट के माध्यम से की जा रही है। इसके लिए अभयारण्य में बसे 65 गांवों को बाहर विस्थापित किया जा रहा है। 2012 में विस्थापित किए गए कुछ गांव के लोग अचानक अभयारण्य में बसने एक बार फिर पहुंच गए। वन अधिकारियों का दावा है कि इनकी आड़ में शिकारी तत्व अभयारण्य में प्रवेश कर गए हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है। इसके साथ ही विस्थापितों पर भी वन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें नौरादेही अभयारण्य से बाहर खदेड़ा जा रहा है।

4 गांवों में पहुंचे 400 विस्थापित

नौरादेही अभयारण्य से करीब 6 साल पहले विस्थापित किए गए पीपला और खुशयारी गांवों में करीब 400 विस्थापित लोग वापस पहुंच गए हैं, जिनका आरोप है कि वन विभाग ने उन्हें ठीक मुआवजा व अन्य सुविधाएं नहीं दी हैं, जो विस्थापन के समय तय की गई थीं, जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विस्थापन के 6 साल बाद जब टाइगर नौरादेही में पहुंच गए। तब ही क्यों लोगों को आपत्ति हुई? यदि शिकायत थी तो उनका निराकरण किया जाता। लेकिन लोग अभयारण्य में बसने पहुंच गए। जो कि वन अपराध है और वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। रविवार को विभाग ने कार्रवाई करते हुए खुशयारी गांव से सैंकड़ों विस्थापितों को अभयारण्य से बाहर खदेड़ दिया है।

संयुक्त रूप से हो रही कार्रवाई

विस्थापितों पर कार्रवाई करने के लिए टाइगर स्ट्राइक फोर्स, जिला प्रशासन, पुलिस बल, नौरादेही वन मंडल के अधिकारी और आर्मी के रिटायर जवान अभयारण्य में सक्रिय हैं, जो विस्थापितों के हर मूवमेंट पर लगातार नजर रखे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर अभयारण्य की टीम बाघों के मूवमेंट पर नजर रख रही है, ताकि किसी भी प्रकार से उनतक शिकारी या अन्य असामाजिक तत्व न पहुंच सके। पिछले एक सप्ताह से सशस्त्र बल अभयारण्य में डेरा डाले हुए है और लगातार चौकसी कर टाइगर की सुरक्षा कर रहे हैं।

टाइगर के आने से बढ़ी गश्त

अभयारण्य में बाघों को बसाए जाने के बाद वन विभाग की मौजूदगी भी बढ़ गई है। वन विभाग के अधिकारी, फॉरेस्ट गार्ड और आर्मी के रिटायर जवान लगातार बाघों की सुरक्षा में मुस्तैद रहकर जंगल में गश्ती करते रहते है। इससे जो पहले से शिकारी अभयारण्य में सक्रिय थे। कहीं न कहीं उन्हें वन विभाग की गश्ती से बाधा उत्पन्ना हुई। वन अधिकारियों का मानना है इसी वजह से शिकारी अपने मंसूबों में कामयाब होने विस्थापितों को आगे कर अभयारण्य में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे है। वन विभाग ने कुछ ऐसे लोगों की पहचान कर ली है, जो विस्थापितों को भड़काने का काम कर रहे हैं। जिनके विरुद्ध विभाग जल्द ही कार्रवाई करेगा।

-----------------

(बॉक्स)

नौरादेही में है 3 टाइगर

नौरादेही अभयारण्य में 4 माह पहले ही 2 बाघों को शिफ्ट किया गया है। इसमें एक बाघिन कान्हा टाइगर रिजर्व से और एक बाघ बांधवगढ़ नेशनल पार्क से नौरादेही अभयारण्य लाए गए थे। 18 अप्रैल को बाघिन और 30 अप्रैल को बाघ नौरादेही में शिफ्ट किया गया। इसके बाद पन्नाा टाइगर रिजर्व से एक बाघ अपने आप ही जंगल के रास्ते से नौरादेही अभयारण्य पहुंच गया। अभयारण्य के अधिकारी एक बाघिन को और लाने की योजना बना ही रहे थे। इतने में विस्थापितों के वापस पहुंचने की समस्या सामने आ गई। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस समस्या से निपट कर टाइगर को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराया जाएगा।

------------------------------

बाघों की सुरक्षा में पूरा फोर्स तैनात है

बाघों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। अभयारण्य में जो भी विस्थापित आए हैं और उनके पीछे जो भी लोग है। उनकी पहचान कर वन विभाग जल्द ही उन पर कार्रवाई करेगा। बाघों की सुरक्षा के लिए पूरी फोर्स अभयारण्य में तैनात हैं। विस्थापितों पर कार्रवाई के लिए टाइगर स्ट्राइक फोर्स, जिला व पुलिस प्रशासन, वन मंडल के जवान और आर्मी के रिटायर जवान तैनात हैं, जो वन अधिनियम के तहत इन पर कार्रवाई कर रहे हैं।

- क्षितिज कुमार, प्रभारी डीएफओ, नौरादेही वन मंडल

----------------------------------------------

फोटो 1208 एसए 30 - सागर। नौरादेही अभयारण्य के खुशयारी गांव में विस्थापितों पर कार्रवाई करती वन विभाग एवं सशस्त्र बल की संयुक्त टीमें।

----------------------------