बीएमसी ने 4 विभागों में डॉक्टरों के खाली पद भरने प्रक्रिया शुरू की है।

-मेडिकल कॉलेज छोड़कर आते हैं तो सीनियारिटी भी काउंट होगी, इंसेन्टिव भी मिलेगा।

चैतन्य सोनी, सागर। नवदुनिया

चिकित्सा शिक्षा विभाग मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के खाली पदों को भरने के लिए अब कार्पोरेट हॉस्पिटल और प्रायवेट मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर लुभावने ऑफर लेकर आ रहा है। बीएमसी ने पिछले दिनों विज्ञापन जारी कर सीनियर डॉक्टरों की सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें चार विभागों में डॉक्टरों के लिए सीनियरिटी सहित तय वेतन के अलावा 10 प्रतिशत इंसेन्टिव देने का ऑफर दिया है।

बुुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सा विभाग, चर्मरोग विभाग, रेडियोडायग्नोसिस व टीबी चेस्ट विभाग में सीनियर डॉक्टर नहीं है। बार-बार विज्ञापन निकालने के बाद भी इन विभागों को प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं मिल पा रहे हैं। प्रदेश व प्रदेश से बाहर दूसरे मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों को सागर लाने के लिए अब विभाग ने इंसेन्टिव व सीनियारिटी देने का फैसला किया है। स्थानीय स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता वाली कमेटी व ईसी ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। बीएमसी में पिछले दिनों इस आशय का विज्ञापन निकाला है जिसमें उपयुक्त चार विभागों में ज्वाइन करने वाले डॉक्टरों को वर्तमान पदस्थापना के दौरान की सीनियारिटी भी बीएमसी में बराबर दी जाएगी। उसी आधार पर वेतनमान दिया जाएगा। इतना ही नहीं कुल वेतन के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन भी इंसेन्टिव के रूप में प्रदान किया जाएगा।

विभाग चालू करने की मजबूरी में दिया ऑफर

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन बीएमसी में चर्मरोग विभाग, मनोचिकित्सा विभाग, टीबी चेस्ट विभाग वर्षों तक खुले ही नहीं है। शुरुआत में इन विभागों में एक-एक असिस्टेंट प्रोफसर नियुक्त किए गए थे, लेकिन किन्ही कारणों से उनके रिजाइन करने के बाद विभाग बंद हो गए थे। टीबी चेस्ट में वर्तमान में भी यही हालात है। चर्मरोग व मनोचिकित्सा विभाग में हाल ही में सीनियर रेसिडेंट ने ज्वाइन किया है, लेकिन टीचिंग के लिहाज से विभाग आज भी बंद ही हैं।

ईसी में आपत्तियां भी आई थीं, लेकिन खारिज

बीएमसी में पिछले दिनों कॉलेज कार्यपरिषद की बैठक में जब इन चार विभागों में डॉक्टरों को लाने के लिए वेतन के साथ इंसेंटिव देने का प्रस्ताव रखा गया तो अन्य विभागों के तरफ से आपत्तियां भी आई, तर्क भी दिए गए थे। लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने वर्षों से डॉक्टर विहीन इन विभागों को प्रारंभ करने की मजबूरी गिनाने हुए दमदारी से अपना पक्ष रखा था। संभाग कमिश्नर की अध्यक्षता में ईसी ने प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी थी।

यह है खाली पदों की स्थिति

-चर्मरोग विभागः- एचओडी, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के सभी पद खाली

-मनोचिकित्सा विभागः- एचओडी, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के सभी पद खाली।

-टीबी चेस्ट विभागः- प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली

-रेडियोडायग्नोसिस विभागः- प्रोफेसार, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली हैं।

-रेडियोथैरेपी विभागः- प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के पद खाली हैं।

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प्रदेशभर में इन विभागों में डॉक्टरों की कमी है

साइकेट्री, डर्मेटोलॉजी, पल्मोनरी व रेडियो डॉयग्नोसिस में प्रदेश भर में डॉक्टरों की कमी है। प्रदेश से बाहर के डॉक्टरों को लाने के लिए इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो इन विभागों में डॉक्टर कहां से लाएंगे। हमारा प्रयास है कॉलेज के सभी विभागों में डॉक्टर आ जाएं और मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा व विद्यार्थियों को कॉलेज में योग्य शिक्षक मिल सकें।

- डॉ. जीएस पटेल, डीन, बीएमसी सागर