हेडिंग - फिल्म निर्देशक ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 2 हजार किमी की पैदल यात्रा

- यात्रा के 89वें दिन पैदल सागर पहुंची पूरी टीम, चार राज्यों की यात्रा करते हुए पहुंचेगी झारखण्ड।

- जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए यात्रा कर रही है टीम, इस दौरान स्प्रिंग थंडर फिल्म की भी की शूटिंग।

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

पर्यावरण संरक्षण के लिए एक फिल्म निर्देशक अपनी पूरी टीम के साथ पिछले 89 दिन से पैदल यात्रा कर रहे हैं। रविवार को उनकी यात्रा सागर पहुंची। यहां फिल्म निर्देशक डॉ. श्रीराम डाल्टन ने अपनी यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही यात्रा का लक्ष्‌य है। वर्तमान समय में देश में पीने का साफ पानी भी लोगों को खरीद कर पीना पड़ रहा है। जबकि जल, जंगल, जमीन पर सभी का अधिकार है। पानी लोगों को मुफ्त में मिलना चाहिए। यात्रा के साथ-साथ इस विषय पर वे एक फिल्म स्प्रिंग थंडर की शूटिंग भी कर रहे हैं। गांव के स्कूल,कॉलेजों में जा-जा कर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते है और शूट करते है। उन्होंने कहा कि फिल्म भी जल्द ही रिलीज की जाएगी।

तिलकगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई पत्रकार वार्ता में श्रीराम डाल्टन ने कहा कि बस या ट्रेन में यात्रा के दौरान लोग सार्वजनिक प्याऊ से पानी पीते हैं तो उन्हें कंजूस और अनपढ़ समझा जाता है। खरीद कर पानी पीना फैशन बना दिया है। पानी पर बाजारवाद हावी हो गया है। जब से पानी की खरीदी ब्रिकी शुरू हुई है, तब से पानी को ब्रांड बना दिया है। पानी को खरीदना-बेचना जीवन को खरीदने-बेचने के सामान है। उन्होंने बताया कि मप्र से वे छत्तीसगढ़, उ़ड़ीसा, बिहार होते हुए झारखंड पहुंचेगे, जहां यात्रा का समापन किया जाएगा। इस दौरान कई राज्यों के सैकड़ों लोग उनसे जुड़े है। जिनके साथ यह ल़ड़ाई आगे भी जारी रहेगी। पत्रकारवार्ता के दौरान विचार संस्था के अध्यक्ष कपिल मलैया, दीपक ठाकुर व फिल्म निर्देशक की टीम के सदस्य मौजूद थे।

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फोटो 1208 एसए 36 - सागर। तिलकगंज स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी यात्रा के बारे में बताते डॉ. श्रीराम डाल्टन।

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