- नौरादेही अभयारण्य के अमले ने एसडीएम, एसडीओपी के साथ की कार्रवाई

देवरीकलां। नवदुनिया न्यूज

नौरादेही अभयारण्य के विस्थापित कुशियारी गांव में अवैध रूप से प्रवेश कर झोपड़ी बनाकर रह रहे 42 ग्रामीणों को वन विभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सभी ग्रामीणों को नौरादेही रेस्ट हाउस लाया गया है। रविवार को सुबह देवरी रेस्ट हाउस में एसडीएम, एसडीओपी ने नौरादेही अभयारण्य के अमले के साथ बैठक की। इसके बाद रणनीति बनाकर कुशयारी पहुंचे। जहां अवैध रूप से प्रवेश कर रहे करीब 42 लोगों को वाहनों में भरा गया। जहां से उन्हें नौरादेही के रेस्ट हाउस लाया गया। इनको सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस संबंध में नौरादेही अभयारण्य के एसडीओ प्रदीप त्रिपाठी से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका मोबाइल देर रात तक कवरेज एरिया से बाहर बताता रहा। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले तरा गांव को खाली कराया गया था। जहां अवैध रूप से रह रहे 38 विस्थापित ग्रामीणों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। वन विभाग, प्रशासन व पुलिस विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से पीपला गांव में वापस पहुंचे विस्थापितों में दहशत का माहौल है। पीपला गांव में 200 परिवार पहुंच गए हैं। इसमें से एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी की समझाइश पर पीपला के कुछ परिवार वापसी करने लगे हैं। देर रात्रि तक करीब दो दर्जन से अधिक ग्रामीण पीपला गांव छोड़कर अपने-अपने गांव लौट आए हैं। इस संबंध में एसडीएम श्री त्रिपाठी का कहना है कि ग्रामीणों की जायज समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी ग्रामीण अपनी-अपनी समस्याएं उनके कार्यालय में लेकर आएं, जिनका निराकरण किया जाएगा शिविर लगा कर भी सभी समस्याओं का निराकरण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके स्तर की सभी समस्याएं हल की जा रही हैं। सभी ग्रामीणों से अपील की है की वह अभयारण्य के गांव को छोड़कर उनके कार्यालय में अपनी समस्याएं बताएं।