मंडीबामोरा रेलवे गेट पर बड़ा हादसा टला, भूसे की ट्रॉलियों के कारण लगा था जाम

बीना। नवदुनिया न्यूज

मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन के समीप शनिवार की दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। रेलवे गेट पर भूसे से भरी ट्रॉलियों के कारण ट्रक आमने-सामने फंस गए थे और दूसरी तरफ से शताब्दी एक्सप्रेस 120 की स्पीड से धड़धड़ाती आ रही थी। स्टेशन प्रबंधन और गेटमैन ने सजगता दिखाते हुए ट्रेन को रोका और जीआरपी की मदद से ट्रेक क्लीयर कराया। इसमें लगभग 9 मिनट शताब्दी एक्सप्रेस और 15 मिनट एक मालगाड़ी लेट हो गई।

मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन के समीप भोपाल एंड पर रेलवे गेट क्रमांक 300 पड़ता है। इस गेट से कुरवाई और खुरई की ओर आने-जाने वाले भारी तथा बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। शनिवार की दोपहर 1 बजे के आसपास जब रेलवे गेट खुला था, वहां से तीन से चार भूसे से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकलीं। ट्रॉलियां इतनी ज्यादा ओवरलोड थीं कि दूसरी तरफ से कोई भी वाहन गेट को क्रॉस नहीं कर पा रहा था। एक साथ में इतनी ट्रॉलियां निकलीं तो कुछ वाहनों ने निकलने के लिए जल्दबाजी दिखाई। इससे वह आमने-सामने आ गए। रेलवे गेट पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई और उधर बीना स्टेशन से भोपाल के लिए शताब्दी सुपरफास्ट को थ्रू सिग्नल दे दिया गया था। शताब्दी को बीना से मंडीबामोरा के बीच की दूरी तय करने में बमुश्किल 14 मिनट का समय लगता है। इधर जाम के कारण बड़ा हादसा होने की संभावनाएं लगने लगीं। तब गेटमैन अंकित तिवारी ने सजगता दिखाई और तत्काल इसकी जानकारी मंडीबामोरा स्टेशन प्रबंधक अरविंद साहू को दी। अरविंद साहू ने होम सिग्नल को रेड किया और जीआरपी को सूचना दी।

गेटमैन और जीआरपी ने वापस कराया वाहनों को

रेड सिग्नल के कारण शताब्दी एक्सप्रेस आउटर पर रुक गई और इधर स्टेशन प्रबंधक की सूचना पर जीआरपी स्टाफ रेलवे गेट पर पहुंच चुका था। गेटमैन और जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए वाहनों को वापस कराया और ट्रैक क्लीयर किया। जब ट्रैक क्लीयर हुआ तो रेलवे गेट को बंद कर शताब्दी एक्सप्रेस को निकाला। इधर भोपाल से बीना की तरफ जा रही मालगाड़ी भी इस जाम के कारण 15 मिनट खड़ी रही।

टोल टैक्स बचाने करते हैं उस रास्ते का उपयोग

जानकारी अनुसार सागर से कुरवाई की ओर जाने वाली भारी वाहन पहले बीना से होकर निकलते थे, लेकिन जब से कुरवाई के समीप टोल नाका लगा, वाहन निर्तला, मंडीबामोरा होते हुए कुरवाई जाने लगे। इससे भारी वाहनों का 250 रुपए के आसपास बचने लगा और आवासीय क्षेत्र पर भारी वाहनों का दबाब बढ़ने लगा।

1310 एसजीआर 146 बीना। रेलवे गेट पर फंसे ट्रक।