तीन दिवसीय महाअनुष्ठान व महामस्तकाभिषेक 21 से

गौरझामर। आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री विमलसागर, मुनिश्री अनंतसागर, मुनिश्री धर्मसागर, मुनिश्री अचलसागर, मुनिश्री अतुलसागर, मुनिश्री भावसागर महाराज के सानिध्य में श्री दिगंबर जैन नेमिनाथ मंदिर हाता गौरझामर में 22 से 24 अक्टूबर तक त्रिदिवसीय पंच परमेष्ठी विधान, महामस्तकाभिषेक, गुरु गुणगान महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 21 अक्टूबर रविवार को सुबह 8 बजे पात्र चयन, मुनिश्री के प्रवचन से संत निवास में होंगे। 22 अक्टूबर सोमवार को सुबह 7 बजे अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, मुनिश्री के प्रवचन और पंच परमेष्ठी विधान, मुनिश्री की आहारचर्या हाता मंदिर से होगी। रात्रि में 8 बजे आरती होगी। 23 अक्टूबर मंगलवार चतुर्दशी को सुबह 7 बजे महामस्तकाभिषेक दिव्य कलशों से एवं महा शांतिधारा (दिव्य झारी से), पूजन, मुनिश्री के प्रवचन और पंच परमेष्ठी विधान एवं मुनिश्री की आहारचर्या हाता मंदिर से होगी। रात्रि में आरती 8 बजे होगी। शरद पूर्णिमा पर 24 अक्टूबर बुधवार को सुबह 7 बजे अभिषेक, शांतिधारा, श्रीजी पूजन, (आचार्यश्री की महापूजा एवं महाआरती,) मुनिश्री के प्रवचन और पंच परमेष्ठी विधान, मुनिश्री की आहारचर्या हाता मंदिर से होगी। रात्रि में 8 बजे से आरती होगी। इसी दिन आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के अवतरण दिवस पर गौरझामर में दोपहर में मिठाई का वितरण होगा। आचार्यश्री विद्यासागर दिव्यघोष गौरझामर की विशेष प्रस्तुति होगी एवं शोभायात्रा भी नगर में निकाली जाएगी।