- आवास की राशि काट लिए जाने से हितग्राही परेशान

रहली। नवदुनिया न्यूज

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली राशि पूरी न मिलने की वजह से नगर के हितग्राही का आवास अधूरा ही रह गया। जानकारी के मुताबिक हितग्राही ने बैंक से किसी समय भैंस खरीदने के लिए लोन लिया था, जिसकी भरपाई करने के लिए बैंक द्वारा उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली राशि से समायोजित कर दिया है। बैंक से राशि काटे जाने से हितग्राही परेशान है। उसने न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के मुताबिक रहली के वार्ड क्रमांक 9 निवासी कालीचरण तिवारी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए एक लाख रुपए की पहली किस्त स्वीकृत हुई थी। जो उसके जीरो बैलेंस खाते में जमा हो गई। कालीचरण ने थोड़ी-थोड़ी राशि निकालकर आवास का काम शुरू कर दिया। छत स्तर तक दीवारें खड़ी हो गई थीं। छत की ढलाई का काम कराया जाना था, इसके लिए कालीचरण जब बैंक रुपए आहरित करने पहुंचा तो खाते से 26 हजार की राशि निकाली गई थी। यह देखकर वह परेशान हो गया। उसने ब्रांच मैनेजर से जाकर शिकायत की। उसने यह राशि नहीं निकाली है तो ब्रांच मैनेजर ने बताया कि आपने कभी लोन लिया था उसकी राशि बकाया थी जो बैंक ने काट ली है। हितग्राही कालीचरण ने काफी अनुरोध किया, लेकिन ब्रांच मैंनेजर ने एक नहीं सुनी। इसके बाद कालीचरण ने ब्रांच मैनेजर के नाम एक आवेदन देकर प्रार्थना की कुटीर के लिए उसे तीन किस्तों में राशि मिलनी है। आप लोन बकाया किस्तों में जमा कर लेना। अभी काटी गई राशि में से 10 हजार रुपए जमा कर लें। शेष राशि हमारे खाते में रख दें। इससे हमारा मकान बन जाएगा व अगली किस्त में से पुनः 10 हजार तथा अंतिम किस्त से 5 हजार की राशि काट लें, लेकिन शाखा प्रबंधक ने आवेदक की बात सुनने से इनकार करते हुए आवेदन भी नहीं लिया। आवेदन पर लाल स्याही से अंकित कर दिया 2008 में लिया गया लोन बकाया जमा कर लिया गया है। हितग्राही कालीचरण तिवारी ने बताया कि सन 2008 में उसने परिवार संचालन के लिए लोन से भैंस खरीदी थी। इसके लिए 40 हजार की राशि प्राप्त हुई थी। उसने लगभग आधी किस्तें जमा की हैं। उसके बाद अचानक भैंस मर जाने के कारण वह किस्तें जमा नहीं कर सका। उसने बैंक को सूचित भी किया था। भैंस का बीमा था, लेकिन बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं की। कालीचरण वर्तमान में मजदूरी करके अपना परिवार चलाता है। कधो मकान में रहता था। उसे आवास स्वीकृत हुआ था, लेकिन आवास योजना की राशि से लोन की राशि वसूलने से उसका आवास अधूरा है।