लीड- पेज 2

---------------------------

फ्लैग- लापरवाहीः बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सीवर लाइन बनी थी समस्या, यहां पूरी टॉयलेट उखाड़कर पानी में बहा रहे पैसा।

हेडिंग-

- टॉयलेट रिनावेशन पर 10-10 लाख खर्च कर दिए, बदबू-गंदगी जस की तस।

सागर। नवदुनिया प्रतिनिधि

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अस्पताल व हॉस्टलों में सीवरेज लाइन व टॉयलेट के पाइप लाइन चोक होने की समस्या सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बन रही थी। पिछले कुछ महीनों ने सरकार ने इसके लिए भरपूर बजट दिया। लेकिन इस पैसे का उपययोग कम, दुरुपयोग ज्यादा नजर आ रहा है। 10-10 लाख रुपए से टॉयलेट रिनोवट किए जा रहे हैं। काम पूरा होने के बाद भी पानी भरने और बदबू की समस्या नहीं मिट सकी। प्रथम तल पर बने टॉयलेट की कमोड अभी से उखड़ने लगे हैं। तकनीकि रूप से भी कई खामियां छोड़ दी गई हैं।

बीएमसी में पीडब्ल्यूडी के माध्यम से टॉयलेट रिनोवेशन कराया जा रहा है। अस्पताल में सेंट्रल लैब के बाजू में बनी टॉयलेट को पूरा तोड़ दिया गया है। यहां टॉयलेट के पाइपचोक होने और बार-बार कचरा फंसने के कारण बदबू फैलने की समस्या सामने आती थी, यह समस्या लगभग हर फ्लोर पर हर वार्ड में सामने आ रही थी। पाइप लाइन चोक होने से गंदगी टाईल्स पर फैलती थी और गंदगी व बदबू उठती रहती थी। इधर मर्जर के दौरान तत्कालीन कमिश्नर डॉ. मनोहर अगनानी, तत्कालीन कलेक्टर विकास नरवाल ने टॉयलेट रिनावेशन के प्रस्ताव बनाकर समस्या को हल कराने का काम शुरू किया गया। शासन ने भरपूर पैसा दिया और रिनोवेशन का काम शुरू हो गया। वर्तमान कमिश्नर भी लगातार इस काम पर नजर बनाए हुए हैं। पीडब्ल्यूडी ने टेंडर के माध्यम से ठेकेदार को काम दे दिया।

फ्लोर तोड़कर भी पाइप लाइन बदल सकते थे

सीवरेज व गंदगी की समस्या फ्लोर के टाईल्स उखाड़कर भी मरम्मत, मोटे पाइप बिछाकर हल की जा सकती थी, लेकिन बीएमसी की अनदेखी और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों व ठेकेदारों की मनमानी का आलम ऐसा रहा कि हथौड़े चलाकर पूरे के पूरे टाईल्स तोड़ दिए और नए सिरे से टाईल्स लगाकर कमोड लगाकर लग्जरी टॉयलेट तैयार किए गए हैं। एक-एक टॉयलेट में करीब 10-10 लाख रुपए का खर्च बताया जा रहा है।

यह लापरवाही सामने आई है

- प्रथम तल पर बनी टॉयलेट में यूरीनल के पाइप हवा में लटक रहे।

- गंदगी महंगी टाईल्सों पर ही बह रही, बदबू भी उठ रही।

- कई जगह के पाइप अभी से टूटने लगे।

- कमोड व फ्लस सहित टॉयलेट को तोड़ दिया गया है।

- वाटर प्रूफिंग के बगैर काम कर दिया गया, यह फिर समस्या बनेगा।

- यही खामियां लगभग हर रिनोवेट किए जा रहे टॉयलेट में छोड़ी जा रही हैं।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को बताया है

यह सही है कि पूरी टॉयलेट तोड़कर नए सिरे से ग्रांउड फ्लोर पर टॉयलेट बनाई गई है। रिनोवेशन के बाद भी कुछ समस्याओं की जानकारी मिली है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अन्य रिनावेट होने वाले टॉयलेट में जहां जरुरत हो वहीं तोड़फोड़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जो राशि आई है उससे हॉस्टल सहित अन्य जगह भी काम होना है।

- डॉ. जीएस पटेल, डीन, बीएमसी सागर

------------------------

फोटो - 1310 एसए- 5 सागर। बीएमसी में रिनोवेट किए गए टॉयलेट में यह हाल अभी से हैं।

फोटो - 1310 एसए- 44 सागर। टॉयलेट के यूरेनल में पाइप ही टूटने लगे, हवा में झूल रहे पाइप।

फोटो - 1310 एसए- 45 सागर। टॉयलेट में छोटे टाईल्सों की जगह-बड़े-बड़े टाईल्स लगाकर जबरन पैसा खर्च किया जा रहा है।