सागर। इंदौर से अपहृत 6 वर्षीय अक्षत जैन को सोमवार को मालथौन थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया है। चैकिंग के दौरान पुलिस को देखकर बाइक सवार दो बदमाश बच्चे को रास्ते में छोड़कर रजवांस की तरफ भाग गए। बच्चा वर्दी देखकर पुलिस के पास पहुंच गया। चैकिंग के दौरान मौजूद एसआई राजेश सिकरवार ने जैसे ही बच्चे को देखा वे तुरंत इंदौर से अपहृत हुए बच्चे को पहचान गए। बच्‍चे के सकुशल मिल जाने पर इंदौर में उसके परिजन और कॉलोनी वाले खुशी से झूम उठे।

पूछताछ में बच्चे ने अपने पिता रोहित जैन का फोन नंबर बताया। तुरंत फोन लगाकर उन्हें व इंदौर पुलिस को बच्चा मिलने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही इंदौर पुलिस और बच्चे के माता-पिता उसे लेने इंदौर से निकल पड़े। अक्षत को कुछ देर मालथौन थाने में रखकर रात करीब नौ बजे सागर पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया। जहां डॉक्टर से चेकअप कराया गया। बच्चा पूरी तरह सामान्य है। हालांकि इसके बाद पुलिस की टीम के साथ बच्चे को मेडिकल कॉलेज भी चेकअप के लिए ले जाया गया।

सागर एसपी अमित सांघी ने बताया कि मालथौन पुलिस को चैकिंग के निर्देश दिए गए थे। सोमवार शाम करीब साढ़े 6 बजे बरोदिया पुलिस चौकी क्षेत्र में चैकिंग कर रही थी। तभी सामने से दो बाइक सवार आए, जो बच्चे को कुछ दूर छोड़कर वापस गाड़ी मोड़कर भाग गए।

बच्चा पुलिस के पास पहुंचा तो हाथ में एक पर्ची लिए था, जिसमें पिता का मोबाइल नंबर लिखा था। ड्यूटी पर तैनात एसआई राजेश सिकरवार ने जब उस नंबर पर फोन लगाकर बच्चे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं बच्चे का पिता रोहित जैन बोल रहा हूं। बच्चे का रविवार को इंदौर से अपहरण हो गया है। पुलिस ने बच्चे के मिलने की सूचना पिता रोहित जैन को दी, तब जाकर पिता ने राहत की सांस ली।

ड्यूटी पर तैनात एसआई राजेश सिकरवार ने बताया कि दोनों बदमाश जब बच्चे को छोड़कर भाग रहे थे, तब उन पर नजर पड़ी। वे हल्की ग्रीन रंग की पल्सर बाइक से रजवांस की तरफ भागे हैं। उनका पीछा भी किया, लेकिन दोनों आरोपित कहीं नहीं मिले।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में चार आरोपित की दो-दो टीमें हैं। एक टीम जिसने इंदौर से बच्चे का अपहरण कर दूसरी टीम को सौंपा, जो बच्चे को इंदौर से लेकर बरोदिया तक आई और फिर यहां पुलिस चैकिंग देखकर बच्चे को छोड़कर फरार हो गई। आरोपितों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई है। सभी टोल प्लाजा पर भी निर्देश दे दिए गए हैं।

एएसपी रामेश्वर यादव ने बताया कि बरोदिया में चैकिंग के दौरान मौजूद एसआई राजेश सिकरवार, आरक्षक राजेश सिंह लोधी और जयराम यादव को आईजी और एसपी की ओर से नकद इनाम भी दिया जाएगा। पुलिस चैकिंग के दौरान ईमानदारी से ड्यूटी करने की वजह से ही इतने बड़े मामले का खुलासा हुआ है और बच्चा सही-सलामत आरोपियों के चंगुल से मुक्त हुआ।