राजीव सोनी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में इस बार समाजवादी पार्टी अपना खाता खोलने और वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। इसके लिए पार्टी भाजपा-कांग्रेस के बगावती प्रत्याशियों को भी उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस संबंध में स्पष्ट कह चुके हैं साथ ही प्रदेश इकाई को भी इस लाइन पर काम करने के लिए लगा दिया गया है। सपा के संपर्क में ऐसे नेता भी हैं जो चौंकाएंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश इकाई को स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि दोनों ही दलों के नाराज और बगावती नेताओं पर डोरे डालना शुरू कर दें। इसके लिए कुछ संभावित नामों को चिन्हित भी किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि दोनों ही दलों में सर्वे और परफार्मेंस के नाम कई दिग्गज नेताओं के टिकट कटेंगे। ऐसे जनाधार वाले नेताओं को सपा साइकल की सवारी का मौका देगी जिससे कि पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़े। इसके लिए सपा दूसरे दलों के टिकट बंटने तक इंतजार भी करने को तैयार है।

तीन सीटों पर खास रणनीति

बताया जाता है कि सपा की चुनाव समिति के सदस्यों को खासतौर पर इस मुहिम में लगाया गया है। 2013 के विधानसभा चुनाव में सपा के दो प्रत्याशी निवाड़ी से दीप यादव और बालाघाट में अनुभा मुंजारे दूसरे पायदान और परसवाड़ा में कंकर मुंजारे तीसरे क्रम पर रहे थे। इस बार इन सीटों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश यादव इस बात को स्वीकारते हैं कि पार्टी इस लाइन पर गंभीरता से काम कर रही है। वे बताते हैं कि 2013 में सपा को कुल 4 लाख वोट मिले थे। इस बार पार्टी अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए हरसंभव जतन करेगी।

अखिलेश के संपर्क में हैं नेता

पार्टी के सूत्रों का दावा है कि कुछ बड़े नाम ऐसे भी हैं जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संपर्क में हैं। कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी जगदीश यादव ने पिछले सप्ताह सपा का दामन थाम लिया। सपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाने का एलान भी किया है। हालांकि जगदीश यादव विधानसभाचुनाव लड़ने के मूड में नहीं है। उन्हें लोकसभा का टिकट देने पर भी विचार किया जा सकता है। सपा ने यह कवायद अपने संगठन को मैदानी मजबूती देने और जनाधार बढ़ाने के लिए शुरू की है। प्रदेश के कई किसान नेता भी सपा के संपर्क में हैं। छोटे और जिलों तक सीमित दलों से भी चर्चा चल रही है।

समाजवादी पार्टी इस बार मध्यप्रदेश में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और नतीजों से चौंकाएगी। पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ाएंगे, इसके लिए दूसरे दलों के जिताऊ और जनाधार वाले नेताओं को भी सपा की ओर से चुनाव मैदान में उतारेंगे। इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्पष्ट कह चुके हैं। साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को हम तवज्जो नहीं देंगे। -मूलचंद बंते यादव, अध्यक्ष सपा चुनाव समिति मप्र