सिहावल, सीधी । 2008 में परिसीमन के बाद सिहावल विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। इस विधानसभा क्षेत्र में सीधी जिले का सिहावल ब्लॉक व सिंगरौली जिले के देवसर ब्लॉक का हिस्सा शामिल है। 2008 में कांग्रेस के इंद्रजीत कुमार पटेल को भाजपा के विश्वामित्र पाठक ने हराया था। 2013 में हुए चुनाव में इंद्रजीत कुमार के बेटे कमलेश्वर पटेल ने विश्वामित्र पाठक को हराकर 2008 का बदला ले लिया था। हालांकि अब 2018 के चुनाव को लेकर माना जा रहा है कि यदि भाजपा से पाठक को टिकट मिलती है तो मुकाबला तगड़ा रहेगा।

आने वाले चुनाव में कांग्रेस की ओर कमलेश्वर पटेल को ही टिकट मिलना लगभग तय है क्योंकि यहां अन्य कोई नेता दावेदारी पेश नहीं कर रहा है। दरअसल यह विधानसभा पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार का गृह गांव है और वर्तमान में उनके बेटे कमलेश्वर पटेल विधायक हैं। सेवानिवृत जिला आबकारी अधिकारी देवेंद्रनाथ चतुर्वेदी जो इस समय प्रदेश किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष भी हैं, भाजपा से दावेदारी पेश कर सकते हैं। भाजपा किसको टिकट देती है, इसी पर पूरा चुनाव निर्भर करेगा और जीत-हार भी इसी से तय हो जाएगी।

वैसे यहां तीसरी पार्टी के रूप में बसपा और सपा को माना जा रहा है। अगर 2008 और 2013 के चुनाव में बसपा को मिले वोटों की तुलना की जाए तो उसका वोट लगातार बढ़ रहा है। इसीलिए आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा को अनदेखा भी नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद यहां असली मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहेगा। दोनों ही पार्टी एक-एक चुनाव जीत चुकी हैं, दोनों की गांव-गांव तक पहुंच है, ऐसे में 2018 में कौन बाजी मारेगा, यह स्थानीय लोगों के लिए दिलचस्प रहेगा।

फैक्ट फाइल -

2013 का परिणाम -

कमलेश्वर पटेल - कांग्रेस 72128

विश्वामित्र पाठक - भाजपा 40372

घनश्याम पाठक - बसपा 13982

पिछले चुनावों में मिले वोट -

पार्टी 2008 प्रतिशत

भाजपा 37083 39.0

कांग्रेस 34615 32.0

बसपा 11624 10.71 (वोट प्रतिशत में)

जातीय समीकरण -

सिहावल विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाता सर्वाधिक संख्या में हैं, जबकि क्षत्रिय मतदाता सामान्य स्थिति में। पिछड़ा वर्ग के वोटर दूसरे नंबर पर माने जाते हैं। बावजूद इसके अनुसूचित जाति-जनजाति मतदाता निर्णयक होते हैं।

2018 में संभावित प्रत्याशी -

भाजपा - विश्वामित्र पाठक पूर्व प्रत्याशी, देवेंद्रनाथ चतुर्वेदी

कांग्रेस - कमलेश्वर पटेल वर्तमान विधायक, अन्य कोई दावेदार सामने नहीं

बसपा से फिलहाल कोई नाम नहीं जबकि सपा से सरिता द्विवेदी

कुल मतदाता - 226017

मतदान केंद्र - 304

पुरुष मतदाता - 112107

महिला मतदाता - 113910

क्षेत्र की बड़ी समस्याएं -

क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क की समस्या है। गर्मी के मौसम में गांव वालों को 2 से 3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। ऐसे दर्जनों गांव हैं। सोननदी पुल पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस पुल को दोबारा बनाए जाने की जरूरत है।

पांच बड़े वादे और स्थिति -

बिजली,पानी, सड़क की समस्या के निराकरण का वादा किया गया था। इसमें पुल, पुलिया, ट्रांसफार्मर, आंगनवाड़ी केंद्र, मंगलभवन समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। कुछ कार्यों का शिलान्यास भी हाल में ही किया गया है। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही थी जिसको लेकर विधायक हमेशा आवाज उठाते रहे हैं।

तो कांग्रेस को भारी पड़ सकता है चुनाव -

इस बार क्षेत्र की जनता पूर्व विधायक के किए विकास कार्य व वर्तमान विधायक के विकास कार्य को देख निर्णय ले सकती है, लेकिन यह तय है कि यदि भाजपा अंतरकलह से बच गई तो कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है। हालांकि कमलेश्वर पटेल पिछले एक साल से लगातार क्षेत्र में सघन संपर्क के साथ क्षेत्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में जनता से सीधा संबंध का फायदा चुनाव में मिल सकता है। कांग्रेस में कमलेश्वर के अलावा अन्य दावेदार सामने नहीं आ रहे हैं। जबकि भाजपा में दावेदारी बढ़ती ही जा रही है।

आमनेसामने -

विधायक से सीधी बात -

यहां सत्ता पक्ष ने विकास कार्य बाधित करने की कोशिश की है। बावजूद इसके यहां के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मंगल भवन, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, पुल, पुलिया, रपटा समेत कई विकास कार्य किए हैं। हमने क्षेत्र का विकास जनता से पूछकर किया है। -कमलेश्वर पटेल, कांग्रेस विधायक

दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी का मत -

पांच साल पहले जब मैं विधायक था उस दौरान जिन विकास कार्यों की मंजूरी मिली थी वही कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान विधायक उसी कार्य को खुद का विकास कार्य कह रहे हैं। वह अपने कार्यकाल के दौरान कोई बड़े कार्य मंजूर नहीं करा पाए। विकास भाजपा सरकार ने ही कराया। -विश्वामित्र पाठक, भाजपा